कामरेड गिरधर पंडित के संघर्षों को भाकपा ने किया याद

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मसूरी। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) की मसूरी शाखा ने पार्टी के प्रदेश सह सचिव, लेखक, शिक्षक और साहित्यकार कामरेड गिरधर पंडित के निधन पर शोकसभा आयोजित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान वक्ताओं ने उत्तराखंड राज्य आंदोलन, मजदूर हितों और जनसरोकारों के लिए उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका संघर्ष और विचारधारा लंबे समय तक लोगों को प्रेरित करती रहेगी।

भाकपा कार्यालय में आयोजित शोकसभा में जिला सचिव कामरेड आरपी बडोनी ने कहा कि गिरधर पंडित ने उत्तराखंड के निवासियों और श्रमिकों के अधिकारों के लिए जीवनभर संघर्ष किया। उन्होंने कई जनआंदोलनों का नेतृत्व किया और देवप्रयाग, टिहरी, देहरादून, उत्तरकाशी तथा पौड़ी सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्तराखंड राज्य आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई।

मसूरी शाखा सचिव कामरेड असलम खान ने कहा कि गिरधर पंडित ने समाज के वंचित और दबे-कुचले वर्गों के हितों के लिए लगातार आवाज उठाई। उन्होंने जनहित और मजदूरों के अधिकारों के लिए संघर्ष करने के साथ पार्टी को नई दिशा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

पार्टी के पूर्व सचिव देवी गोदियाल ने कहा कि गिरधर पंडित ने अपना जीवन श्रमिकों के अधिकारों और उत्तराखंड राज्य आंदोलन के लिए समर्पित कर दिया था। शिक्षक और लेखक के रूप में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा और जनआंदोलनों में सक्रिय भागीदारी को हमेशा याद रखा जाएगा।

शोकसभा के अंत में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस मौके पर आरपी बडोनी, असलम खान, देवी गोदियाल, राजेश शर्मा, पूरन नेगी, दिनेश उनियाल, सुनील उनियाल, अनवर खान, फहीम सहित पार्टी के अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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