दुखद अंकिता मर्डर पर कांग्रेस कर रही गिद्ध राजनीतिः सुबोध उनियाल

देहरादून। कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कांग्रेस पर देवभूमि की बेटी के साथ हुई दुखद घटना को लेकर गिद्ध राजनीति करने का आरोप लगाया है। उन्होंने राहुल गांधी पर राजनैतिक पाखंड का आरोप लगाया कि अपने करीबी यौन शोषण के दागी प्रोफेसर सांसद दिन में याद नहीं आते, लेकिन रात के अंधेरे में दिवंगत आत्मा को कचोटना याद रहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुज्जफरनगर कांड में कांग्रेस की सहयोगी सरकारों द्वारा किए देवभूमि की मातृ शक्ति के अपमान की कोशिशें आज भी जारी हैं। उन्होंने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा, प्रदेश की जनता गवाह है कि जिस दिन दुखद अंकिता मर्डर की घटना सामने आई, उसके बाद तत्काल कठोरतम कार्रवाई की गई। चाहे 24 घंटे में गिरफ्तारी हो, चाहे एसआईटी की जांच हो, चाहे आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट लगाना हो, चाहे सभी फॉरेंसिक साबुतों, गवाहों और मजबूत कानूनी पैरवी से दोषियों को उम्र कैद की सजा दिलाना हो। गिरफ्तारी के बाद एक दिन दोषियों को सलाखों के बाहर नहीं आने दिया और अब पूरी जिंदगी वे अपने पापों की सजा भुजतेंगे। पीड़ित परिवार की सहमति से ही सभी कानूनी प्रक्रिया को पूरा किया गया और उनकी संतुष्टि भी समय समय पर इस मुद्दे पर आती रही है। जिस तरह की भी आर्थिक एवं नौकरी आदि की मदद की उन्हें जरूरत थी वह उन्हें मुहैया कराई गई है। इस सबके बाद भी जब परिजनों द्वारा सीबीआई जांच की मांग की गई तो उसके भी आदेश स्वयं मुख्यमंत्री ने इनसे मिलकर दिए।
वहीं उन्होंने इस संवेदनशील विषय पर कांग्रेस के रवैए की गिद्ध राजनीति करने वाला बताया है। कहा, बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण एवं दुखद है कि विपक्षी पार्टियों के नेता दिवंगत बेटी की मौत पर लगातार झूठ एवं भ्रम फैला रही है। पहले भी अनेकों बार धरने प्रदर्शनों से प्रदेश का माहौल और छवि खराब करने का प्रयास किया गया। लेकिन जनता को भाजपा की सरकार और संगठन पर पूरा भरोसा था, जिसे उन्होंने लोकसभा चुनाव के साथ विधानसभा उपचुनावों, निकाय एवं पंचायत के चुनावों में कमल खिलाकर प्रदर्शित भी किया है। लेकिन वावजूद इसके कांग्रेस पार्टी बार पीड़ित परिजनों की आड़ में घटिया और गैरजिम्मेदाराना राजनीति आज भी जारी है।
उन्होंने सवाल पूछा कि राहुल गांधी को अपने करीबी प्रिय सांसद और जेएनयू के प्रोफेसर द्वारा 11 मेघावी छात्राओं के साथ किए यौन शोषण की पीड़ा क्यों नहीं महसूस होती? जबकि उन्हें तो विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपनी आंतरिक जांच में दोषी ठहराकर, नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। अपने प्रिय यौन शोषण अपराधी सांसद पर कार्यवाही करना तो दूर दो शब्द आलोचना या पीड़ितों के साथ संवेदना के न राहुल प्रियंका के निकले और न ही अन्य किसी एक भी नेता के। कौन भूल सकता है उनके नेता का दिल्ली में किया तंदूर कांड, राजस्थान का भंवरी देवी प्रकरण, कांग्रेस सेवा दल की कमान संभालने वाले नेता की अपनी पार्टी नेत्री के साथ की गई करतूत, उनके वकील नेता अभिषेक मनु सिंघवी और दिग्विजय सिंह की महिलाओं के प्रति घृणित सोच भी सबने देखी है, दर्जनों बड़ी महिला नेत्रियां एवं प्रवक्ता तक यौन शोषण के आरोप में पार्टी छोड़ चुकी है। उन्होंने याद दिलाते हुए कहा कि इसी अक्टूवर माह की 2 तारीख को मुजफ्फरनगर में राज्य आंदोलनकारी महिलाओं के साथ बालात्कार और अन्याय के दोषी की भागीदार कांग्रेस भी है। ये कांग्रेस की सहयोगी सरकार के शासन में हुआ और कांग्रेस के नेता चुप्पी साधे रहे। इसलिए कांग्रेस नेतृत्व की मंशा राज्य निर्माण से लेकर अब तक हमेशा से  देवभूमि की छवि खराब करने की रही है। इन्होंने कभी देवभूमि की मातृ शक्ति का सम्मान नहीं किया और अब भी पीड़ित आत्मा को बार बार राजनीति में घसीटकर गिद्धों की तरह नोचने का काम कर रही है। प्रदेश की जनता, कांग्रेस पार्टी को ऐसे कुकृत्यों के लिए कभी माफ नहीं करेगी और इस बार भी चुनावों में देवभूमि की छवि खराब करने के पाप की सजा उन्हें देगी।

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