विश्व प्रसिद्ध हिमक्रीड़ा स्थल औली में ’नेशनल स्कीइंग चैंपियनशिप’ का शुभारंभ

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देहरादून। विश्व प्रसिद्ध हिमक्रीड़ा स्थल औली में ’नेशनल स्कीइंग चैंपियनशिप एवं विंटर कार्निवल’ का आगाज हो गया है। इस नेशनल चैंपियनशिप में 17 राज्यों की टीमों के अलावा आईटीबीपी, सीआरपीएफ और सेना की टीमें प्रतिभाग कर रही हैं। राष्ट्रीय स्कीइंग प्रतियोगिता का आगाज जाइंट सलालम महिला वर्ग की रेस के साथ हुआ। पहले दिन जाइंट सलालम प्रतियोगिता में हिमाचल प्रदेश की टीम ने बेहतर प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में 18 प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में पहला स्थान आंचल ठाकुर ने हासिल किया। जबकि, दूसरा संध्या और तनुजा ठाकुर ने हासिल किया।
समुद्र तल से करीब 2,500 से 3,050 मीटर की ऊंचाई पर स्थित औली अपने विस्तृत प्राकृतिक ढलानों, ओक और देवदार के वनों, नंदा देवी, कामेट और माणा जैसे हिमालयी शिखरों के दिव्य दृश्यों के कारण भारत का प्रमुख विंटर डेस्टिनेशन बन चुका है। यहां की भौगोलिक संरचना और अनुकूल जलवायु इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए आदर्श स्थल बनाती हैं। औली नेशनल स्कीइंग चैंपियनशिप और विंटर कार्निवल 2026 का शुभारंभ उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को विश्वस्तरीय शीतकालीन पर्यटन डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित किया जा रहा है। देवभूमि उत्तराखंड प्राकृतिक सौंदर्य, आध्यात्मिक चेतना और साहसिक संभावनाओं का अद्वितीय संगम है। इसी वर्ष चमोली में सेना के साथ सूर्य देवभूमि चैलेंज का आयोजन भी प्रस्तावित है। इसके तहत हेलंग से उर्गम, रुद्रनाथ व मंडल होते हुए ऊखीमठ तक कुल 91 किमी की ट्रेल का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा चमोली की नीती घाटी में 31 मई को नीती एक्सट्रीम अल्ट्रा रन का आयोजन प्रस्तावित है। इसमें रिमखिम से नीतीहोकर मलारी तक 75 किमी अल्ट्रा मैराथन व मलारी से नीती होकर वापस मलारी तक 42 किमी मैराथन आयोजित होगी।
औली चमोली जिले में 5-7 किलोमीटर में फैला छोटा सा स्की-रिसोर्ट है। इस रिसोर्ट को 9,500-10,500 फीट की ऊँचाई पर बनाया गया है। यहाँ बर्फ से ढकी चोटियाँ बहुत ही सुन्दर दिखाई देती हैं। इनकी ऊँचाई लगभग 23,000 फीट है। सूर्य की किरणें जब यहां की पर्वतों की श्रंखला पर पड़ती हैं तो उसकी चमक देखते ही बनती है। बर्फ से खेलने का आनंद कुछ और ही है। यहां पर मीलों तक जमी बर्फ का आनन्द लेने के लिऐ दूर-दूर भारत से ही नही विदेशों से भी पर्यटक आते हैं। औली में पर्यटकों के लिए अच्छ सुविधाएं हैं। यहां अच्छे रेन्ट पर होटल मिल जाते हैं और भोजन में शुद्ध शाकाहारी भोजन मिलता है। औली में ठहरने के स्थान के लिए यहां गढ़वाल मंडल विकास निगम द्वारा फाइबर हट्स भी बनाई गई हैं। जहां रहने के अलावा खाने-पीने की भी व्यवस्था भी है।

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