मसूरी में भवनों पर चालान और सीलिंग के विरोध में उतरी देवभूमि जन कल्याण समिति
1 min readमसूरी। देवभूमि जन कल्याण विकास एकता समिति ने मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) कार्यालय में प्रदर्शन कर भवनों के चालान, सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर विरोध जताया। समिति ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर मांग की कि मसूरी में स्पष्ट मास्टर प्लान और नगर नियोजन व्यवस्था के अभाव में आम जनता के भवनों पर कार्रवाई करने के बजाय समस्याओं का समाधान निकाला जाए। ज्ञापन में मांग की गई कि मसूरी में अधिसूचित और गैर-अधिसूचित क्षेत्रों से संबंधित सर्वेक्षण का राजपत्र अधिसूचना आम जनता के सामने प्रस्तुत किया जाए। समिति ने कहा कि आजादी से पहले बने भवनों को अवैधानिक घोषित नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि नगर पालिका अधिनियम के तहत ऐसे भवनों को लाइसेंस दिए जाने की बात सामने आती रही है।
समिति ने स्थानीय लोगों को सौ वर्ग गज तक के भवनों के निर्माण के लिए बिना मानचित्र स्वीकृति की अनुमति देने, चालान और सीलिंग की कार्रवाई का सामना कर रहे भवन स्वामियों के मामलों का एकमुश्त समाधान योजना के तहत निस्तारण करने तथा भवनों के मानचित्र स्वीकृत करने से पहले भूमि और भवन के स्वामित्व की विधिवत जांच करने की मांग की।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि मसूरी नगर पालिका की ओर से जारी तल प्रमाणपत्रों की जांच की जाए और गलत पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो। समिति ने एमडीडीए के अधिकारियों की संपत्ति की जांच कराने तथा आय से अधिक संपत्ति मिलने पर कार्रवाई करने की मांग भी उठाई। साथ ही केवल तल के आधार पर मानचित्र स्वीकृत करने की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। समिति ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन में समिति अध्यक्ष प्रकाश राणा, प्रशांत रावत, विजय पाल सिंह, उपेंद्र राणा, मोहन सिंह, सलीम अहमद, पंकज भंडारी, हरीश जोशी, प्रताप सिंह, आदर्श राणा, किशन विजय जुगरान और रामकिशन राही सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
