शरदोत्सव में लोक संस्कृति के रंग, प्रीतम भरतवाण के जागरों पर झूमे श्रोता
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मसूरी। शरदोत्सव के अंतर्गत पहाड़ की समृद्ध लोक संस्कृति के रंग मालरोड सहित मसूरी के विभिन्न स्थलों पर देखने को मिले। स्थानीय कलाकारों ने लोकगीतों और पारंपरिक नृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियों से पर्यटकों और स्थानीय लोगों को उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत से रूबरू कराया। विभिन्न मंचों पर दिनभर चले सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच टाउन हॉल में आयोजित संगीत संध्या विशेष आकर्षण का केंद्र रही। यहां लोकगायक पद्मश्री डॉ. प्रीतम भरतवाण की प्रस्तुति ने दर्शकों को देर रात तक झूमने पर मजबूर कर दिया।
शरदोत्सव के तहत लंढौर चैक पर सूरज शाह एवं दीपक शाह ग्रुप, मसूरी पब्लिक स्कूल और प्रियाशं रावत ने लोकगीतों एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दीं। राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भी रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत कर दर्शकों की सराहना बटोरी। वहीं गढ़वाल टैरेस पर रेखा जोशी उनियाल ग्रुप और प्रतापनगर महिला समिति की प्रस्तुतियों ने समां बांधा। गढ़वाली लोकगीतों और पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से कलाकारों ने पहाड़ की परंपराओं की सुंदर झलक प्रस्तुत की।
बार्लोगंज में नेहा एंड अभिनव तथा पहाड़ी ट्यून्स के आशीष पहाड़ी ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन किया। गांधी चैक पर यमुना घाटी महिला मंच, सुमन लता एवं सरोजनी रेंगवाल ग्रुप, आशा अग्रवाल, धनराज शौर्य और गांव गुठियार ग्रुप ने लोकगीतों एवं लोकनृत्यों की प्रस्तुतियां देकर उत्सव की रौनक बढ़ाई।
टाउन हॉल में आयोजित संगीत संध्या में रूहान भारद्वाज और करिश्मा शाह की जुगलबंदी ने श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। अमित खरे, साहब सिंह रमोला और आकांक्षा खरोला ने भी एक से बढ़कर एक गीत प्रस्तुत किए। कलाकारों की प्रस्तुतियों पर दर्शकों ने खूब तालियां बजाईं और उत्साह के साथ कार्यक्रम का आनंद लिया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण उत्तराखंड के जागर सम्राट पद्मश्री डॉ. प्रीतम भरतवाण की प्रस्तुति रही। उन्होंने देव वंदना, गंगा स्तुति और मां सुरकंडा की स्तुति से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद उन्होंने पारंपरिक जागरों और लोकप्रिय लोकगीतों की ऐसी श्रृंखला प्रस्तुत की कि पूरा सभागार लोक संस्कृति के रंग में रंग गया।
डॉ. भरतवाण ने ‘चल मेरी सरूली’, ‘बैड अमरावती’, ‘राजुला मालूशाही’ और ‘ध्याणी बल फोटू की मशीन’ सहित कई लोकप्रिय गीत प्रस्तुत किए। उनके जागरों और लोकगीतों पर श्रोता देर रात तक झूमते रहे। उनकी प्रस्तुति ने उत्तराखंड की लोक परंपराओं, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत की जीवंत झलक पेश की। इस अवसर पर पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी, अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन, पालिका सभासद पवन थलवाल, विशाल खरोला, अनीता धनाई, मनीषा खरोला, कमला थपलियाल सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, महिलाएं और पर्यटक मौजूद रहे।
