गिद्धावाली सहकारी समिति का पूरा संचालक मंडल निरस्त
हरिद्वार। जिले में सहकारी समिति के चुनावी में बड़े खेल का खुलासा हुआ है। चुनावों में गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद पूरा संचालक मंडल निरस्त हो गया। इस कार्रवाई के बाद अन्य समीतियों में भी बेचैनी बढ़ गई है।
दरअसल ये पूरा मामला लक्सर क्षेत्र के खानपुर विकासखंड की गिद्धावाली सहकारी समिति से जुड़ा है। बताया गया कि गिद्धावाली सहकारी समिति में पिछले वर्ष 2025 नवंबर में संचालक मंडल के साथ सभापति और उपसभापति पद के लिए चुनाव कराए गए थे। चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद ही ग्रामीणों और समिति से जुड़े लोगों ने निर्वाचन प्रक्रिया पर सवाल उठाने शुरू कर दिए थे।
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि समिति के चुनाव निर्धारित नियमों और प्रक्रिया के अनुरूप नहीं कराए गए। चुनाव के दौरान गंभीर अनियमितताएं बरते जाने की शिकायत एसडीएम लक्सर के साथ शासन स्तर पर भी की गई थी।
मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम अनिल कुमार शुक्ला ने चुनाव से संबंधित अभिलेखों और उपलब्ध तथ्यों की जांच कराई। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर शिकायतकर्ताओं की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि हुई।
जांच के बाद पूरा बोर्ड किया निरस्तरू जांच में शिकायतें सही पाए जाने के बाद एसडीएम ने गिद्धावाली सहकारी समिति के पूरे संचालक मंडल को निरस्त करने की कार्रवाई की। इस कार्रवाई के बाद समिति के चुनाव को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद पर प्रशासन ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। मामले से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट जिला निबंधन अधिकारी और जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित को भी भेजी गई है। प्रशासन की कार्रवाई के बाद अब समिति की आगे की व्यवस्था और निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर भी गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
गिद्धावाली सहकारी समिति के खिलाफ हुई इस कार्रवाई का असर क्षेत्र की अन्य सहकारी समितियों पर भी दिखाई देने लगा है। समिति से जुड़े पदाधिकारियों और सदस्यों के बीच प्रशासन की कार्रवाई को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
खासकर उन समितियों के पदाधिकारियों में बेचैनी बढ़ गई है, जहां पूर्व में चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठते रहे हैं। माना जा रहा है कि गिद्धावाली मामले में हुई कार्रवाई के बाद सहकारी समितियों के चुनाव में नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के पालन को लेकर प्रशासन की निगरानी और सख्त हो सकती है। फिलहाल गिद्धावाली सहकारी समिति का मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
