ऑपरेशन हॉटस्पॉटः साइबर अपराधियों पर एसटीएफ ने कसा शिकंजा

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देहरादून। उत्तराखण्ड पुलिस ने ऑपरेशन हॉटस्पॉट चलाते हुए 820 संदिग्ध बैंक खातों के भौतिक और डिजिटल सत्यापन के बाद 159 एफआईआर दर्ज किये। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि उत्तराखंड में पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के तहत एसटीएफ, साइबर क्राइम यूनिट्स, डिस्ट्रिक्ट साइबर सेल्स और समस्त जनपद पुलिस द्वारा प्रदेशभर में 7 दिवसीय ऑपरेशन हॉटस्पॉट (24 अगस्त से 01 सितंबर, 2026) सफलतापूर्वक संचालित किया गया। इस विशेष अभियान का उद्देश्य साइबर ठगी करने वालों के साथ-साथ ठगी की रकम निकालने वालों और उन्हें संसाधन उपलब्ध कराने वाले पूरे साइबर क्राइम नेटवर्क व चेन को ध्वस्त करना था। संदिग्ध बैंक खातेः 820 संदिग्ध बैंक खातों के भौतिक और डिजिटल सत्यापन के बाद 159 एफआईआर दर्ज की गईं। एटीएम निकासीरू 1,236 स्थानों व मामलों के सत्यापन के बाद 32 एफआईआर दर्ज। चेक से निकासीरू 84 स्थानों व मामलों के सत्यापन पर 37 एफआईआर दर्ज।
संदिग्ध सिम, पॉइंट ऑफ सेल (सिम पोस)ः फर्जी व अनियमित केवाईसी के जरिए सिम बेचने वाले 22 संदिग्ध सिम-पीओएस का सत्यापन कर 10 एफआईआर दर्ज। डिजिटल फुटप्रिंट्स ब्लॉकः साइबर अपराध में इस्तेमाल हो रहे 644 संदिग्ध सिम और 630 आईएमईआई ब्लॉक किए गए। इसके अलावा 442 मामलों का सत्यापन कर 10 साइबर अपराधी गिरफ्तार किए गए। समन्वय पोर्टल से मैपिंगः पूर्व में गिरफ्तार 240 साइबर अपराधियों की मैपिंग के जरिए देशभर में 100 से अधिक अन्य साइबर अपराधों में उनकी संलिप्तता का खुलासा हुआ। हरिद्वार में ट्टनवादा ग्रुप’ का पर्दाफाशः हरिद्वार की श्यामपुर थाना पुलिस ने संगठित साइबर फ्रॉड नेटवर्क नवादा ग्रुप के 05 सदस्यों को गिरफ्तार किया। तकनीकी जांच में इस नेटवर्क से जुड़े 200 से अधिक बैंक खाते सामने आए, जिनका इस्तेमाल ठगी की रकम ट्रांसफर करने में किया जा रहा था। इनके पास से 45 एटीएम कार्ड, 20 पासबुक, 2 लैपटॉप और 17 मोबाइल बरामद हुए।
कोटद्वार में फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर 3.86 लाख रुपये की ठगी के मामले में फरार इनामी आरोपी आशीष रिचर्ड को गिरफ्तार किया गया। जांच में उसके 8 बैंक खातों में लगभग 1.50 करोड़ के संदिग्ध लेनकृदेन का पता चला (जिसमें से 7 लाख फ्रीज किए जा चुके हैं)। इस आरोपी के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में 19 शिकायतें दर्ज हैं। एसटीएफ ने जुलाई में अंतरराज्यीय गिरोह के 2 सदस्यों को पकड़ा गया था जो नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों के खाते खुलवाकर ठगी की रकम ट्रांसफर करते थे। पथरी (हरिद्वार) पुलिस ने 5रू कमीशन लेकर एटीएम से साइबर ठगी का कैश निकालने वाले 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इंटेलिजेंस और प्रतिबिम्ब मैपरू 01 से 31 जुलाई तक चलाए गए तकनीकी विश्लेषण और डेटा इंटेलिजेंस के आधार पर हॉटस्पॉट्स की पहचान की गई थी। इसके लिए आई 4सी द्वारा विकसित प्रतिबिंब मैप (जीआईएस कृआधारित रियलकृटाइम मैपिंग) का इस्तेमाल किया गया। सीआईएआर (साइबर इन्वेस्टिगेशन असिस्टेंस रिक्वेस्ट)ः वर्ष 2026 में अन्य राज्यों में मौजूद आरोपियों व संदिग्धों के संबंध में बीएनएसएस की धारा 35(3) के तहत 303 नोटिस अन्य राज्यों को भेजे गए, जबकि दूसरे राज्यों से प्राप्त 247 नोटिस उत्तराखंड पुलिस द्वारा तामील कराए गए। 23.44 करोड़ रुपये की बचतः वर्ष 2026 में 1930 नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन और एनसीआरपी पोर्टल पर मिली 18,749 शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए उत्तराखंड पुलिस ने बैंकों के समन्वय से आम जनता के घ्23.44 करोड़ से अधिक की धनराशि सुरक्षित व होल्ड कराई। व्यापक जनकृजागरूकताः प्रदेश में 27 अगस्त को आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में 1,100 से अधिक स्कूलों के 1.75 लाख छात्र-छात्राओं को साइबर सुरक्षा का पाठ पढ़ाया गया, जिसमें पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड दीपम सेठ ने विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया। मनी म्यूल्स की काउंसलिंगः 02 सितंबर को अभियान के अंतिम चरण में चिन्हित मनी म्यूल्स को थानों में बुलाकर काउंसलिंग की गई और साइबर अपराध से दूर रहने की शपथ दिलाई गई।

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