प्रधानमंत्री की प्रभावी कूटनीति के कारण तेल और गैस आपूर्ति पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ाः जीतन राम मांझी

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देहरादून। केंद्रीय लघु, कुटीर एवं मध्यम उद्योग मंत्री जीतन राम मांझी हल्द्वानी में एमएसएमई के एक्सपेंशन सेंटर के निरीक्षण के बाद  नैनीताल पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान बोट हाउस क्लब में कहा- प्रधानमंत्री की प्रभावी कूटनीति के कारण मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध का भारत की तेल और गैस आपूर्ति पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। उन्होंने बताया कि वैश्विक स्तर पर कीमतों में वृद्धि के बावजूद केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम कर जनता को राहत देने का प्रयास किया है। केंद्रीय मंत्री (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) मांझी ने कहा कि उत्तराखंड में एमएसएमई विभाग के कार्यालय हैं जिसके तहत हल्द्वानी में एक एक्सपेंशन सेंटर है और वह उसी के निरीक्षण के लिए पहुंचे थे।
श्री मांझी ने कहा कि भारत ने संतुलित विदेश नीति अपनाते हुए इजरायल और ईरान दोनों के साथ मजबूत संबंध बनाए हैं। हार्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के बावजूद भारतीय जहाजों को आवाजाही की अनुमति मिलना इसी कूटनीतिक सफलता का परिणाम है। उन्होंने बताया कि लघु, कुटीर और मध्यम उद्योगों की भूमिका पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। “इस क्षेत्र में ऊर्जा संसाधनों की बजाय मानव संसाधन की अधिक आवश्यकता होती है, और इसके माध्यम से देश में लगभग 33 करोड़ लोगों को रोजगार मिला है। केंद्रीय मंत्री जीतन राम माझी ने कहा देश में तेल और गैस की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है। सरकार कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने जमाखोरी करने वालों पर सख्त नजर रखने की बात भी कही।

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