राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने बजट को विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने वाला बताया

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देहरादून। राज्यसभा सांसद डॉ. नरेश बंसल ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक क्षण रहा, क्योंकि आज़ाद भारत के इतिहास में पहली बार केंद्रीय बजट रविवार के दिन प्रस्तुत किया गया। यह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का लगातार नौवां बजट रहा, जिससे वह यह उपलब्धि हासिल करने वाली देश की पहली महिला वित्त मंत्री बन गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार का यह 15वां बजट है। भाजपा-नीत एनडीए सरकार के कार्यकाल में निरंतर आर्थिक विकास और नियंत्रित महंगाई देखने को मिली है।
डॉ. बंसल ने कहा कि आमजन के कल्याण को ध्यान में रखते हुए यह केंद्रीय बजट तीन संकल्पों से सुसज्जित है। वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण जी ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत किया, जिसका कुल आकार 53.5 लाख करोड़ रुपये है, जबकि पिछले वर्ष का बजट 50.65 लाख करोड़ रुपये का था।
डॉ. नरेश बंसल ने कहा कि सरकार ने वर्ष 2021-22 में किए गए अपने वादे को पूरा किया है, जिसके तहत वर्ष 2025-26 तक राजकोषीय घाटे को ळक्च् के 4.5 प्रतिशत से नीचे लाने का लक्ष्य रखा गया था। वर्ष 2025-26 के लिए राजकोषीय घाटा ळक्च् का 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो बजट अनुमान (ठम्) के अनुरूप है। वर्ष 2026-27 में यह और घटकर ळक्च् का 4.3 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। सरकार ने थ्ल्27 के लिए कर्ज-ळक्च् अनुपात 55.6 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। थ्ल्27 में 11.7 लाख करोड़ रुपये का कर्ज लिया जाएगा। 16वें वित्त आयोग की 41 प्रतिशत हिस्सेदारी की सिफारिश को भी स्वीकार किया गया है।
डॉ. बंसल ने कहा कि गरीब कल्याण के संकल्प के साथ तैयार किया गया यह बजट शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास को हर घर तक पहुँचाने की प्रतिबद्धता को दोहराता है। यह बजट ऐसे भारत के निर्माण की दिशा में अग्रसर है, जहाँ अवसर सभी की पहुँच में होंगे। पिछड़ों, दलितों और वंचित वर्गों के लिए विशेष योजनाओं का प्रावधान यह सुनिश्चित करता है कि विकास की इस यात्रा में कोई भी पीछे न छूटे। महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना और ‘एक जिला, एक उत्पाद’ पहल के समन्वय से ग्रामीण क्षेत्रों में स्टार्टअप्स और लघु उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।
डॉ. नरेश बंसल ने कहा कि वित्त मंत्री जी ने बजट में उल्लेख किया है कि भारत में वर्ल्ड क्लास ट्रैकिंग की जब भी चर्चा होगी, उत्तराखंड का नाम शीर्ष पर होगा। मोदी सरकार एवं राज्य सरकार का विजन दुर्गम मार्गों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने का है। यह केवल एडवेंचर टूरिज्म नहीं, बल्कि प्रकृति से जुड़ने का एक आध्यात्मिक अनुभव भी है। उन्होंने कहा कि यह बजट और इससे जुड़ी योजनाएँ देश की बहनों को ‘आर्थिक शक्ति’ बनाने के लिए समर्पित हैं।
डॉ. बंसल ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक युग की आवश्यकताओं के अनुरूप ढालते हुए मोदी सरकार द्वारा ब्वदजमदज ब्तमंजवत स्ंइे का प्रस्ताव ‘विकसित भारत’ के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण निवेश है। उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल 2026 से नया आयकर अधिनियम लागू होगा। देश के प्रत्येक जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल का निर्माण किया जाएगा। खेलो इंडिया मिशन प्रारंभ करने, देश में तीन नए आयुर्वेद एम्स खोलने, मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने हेतु पाँच क्षेत्रीय हब स्थापित करने, बैंकिंग सेक्टर के लिए एक हाई-लेवल कमेटी गठित करने, सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने, रेयर-अर्थ कॉरिडोर स्थापित करने में सहयोग, इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 लॉन्च करने, भारत को ग्लोबल बायो-फार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने तथा रोजगार सृजन हेतु अनेक कदम उठाने जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान इस बजट में किए गए हैं। साथ ही मौद्रिक स्थिरता बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया गया है।
डॉ. नरेश बंसल ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 का बजट ऐसे समय में प्रस्तुत किया गया है जब वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बनी हुई है। भू-राजनीतिक तनाव, कमोडिटी कीमतों में उतार-चढ़ाव, प्रमुख केंद्रीय बैंकों की असमान मौद्रिक नीतियाँ और बढ़ता व्यापार विखंडन भविष्य की संभावनाओं को प्रभावित कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय वस्तुओं पर लगाए गए 50 प्रतिशत दंडात्मक टैरिफ से वित्तीय बाजारों में अस्थिरता देखी गई है। इसके बावजूद, आदरणीय प्रधान सेवक श्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व में भारत निरंतर प्रगतिपथ पर अग्रसर है। यह नया भारत है, जो अपनी चुनौतियों का समाधान स्वयं करना जानता है।

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