सैन्य सम्मान के साथ शहीद जवान रविन्द्र सिंह को दी अंतिम विदाई
filter: 0; fileterIntensity: 0.0; filterMask: 0; captureOrientation: 0; brp_mask:0; brp_del_th:null; brp_del_sen:null; delta:null; module: video;hw-remosaic: false;touch: (-1.0, -1.0);sceneMode: 0;cct_value: 0;AI_Scene: (-1, -1);aec_lux: 0.0;aec_lux_index: 0;albedo: ;confidence: ;motionLevel: -1;weatherinfo: null;temperature: 52;
रुद्रप्रयाग। अरुणाचल प्रदेश में मातृभूमि की सेवा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए शहीद हवलदार रविन्द्र सिंह (36) को पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। आगर, दशज्यूला क्षेत्र के रहने वाले शहीद हवलदार रविन्द्र सिंह 15 गढ़वाल राइफल्स में तैनात थे। अरुणाचल के अलोंग में ही भारत मां की सेवा करते हुए वे शहादत को प्राप्त हो गए। अपने पीछे एक बेटा और एक बेटी को छोड़ गए हैं।
शहीद जवान का पार्थिव शरीर सोमवार रात्रि में रुद्रप्रयाग आर्मी कैंप लाया गया। जहां से मंगलवार को सुबह 7 बजे, पूरे सैन्य सम्मान के साथ पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए उनके पैतृक गांव आगर, दशज्यूला ले जाया जाएगा, जिसके बाद रुद्रप्रयाग संगम पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंत्येष्टि की गई। जहा उनके बडें भाई दिगंबर राणा और छोटे भाई राहुल राणा ने मुखाग्नि दी।
रुद्रप्रयाग संगम में अंत्येष्टि के दौरान क्षेत्र वासियों, स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों और केदारनाथ विधायक ने अंतिम विदाई में सम्मिलित हुए। अंतिम यात्रा में सम्मिलित हुई केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल ने कहा कि इस शोक की घड़ी में हमारी संवेदनाएं परिवार के साथ हैं। कहा, रविंद्र के परिवारजनों को जानती हूं और उनके पिता भी गांव की सेवा में लगे रहते हैं। कहा, भगवान केदारनाथ से प्रार्थना है कि भारत माता के वीर सपूत रविन्द्र सिंह के परिवार को यह दुख सहने की शक्ति दे। वहीं गांव वासियों ने बताया कि इस दुखद घटना से सम्पूर्ण क्षेत्र में मातम पसरा है। हर कोई इस घटना से दुखी है। जिला पंचायत सदस्य सारी जयवर्धन कांडपाल ने बताया कि रविन्द्र सिंह वर्ष 2008 में 15 गढ़वाल में भर्ती हुए थे। रविन्द्र मुधर व्यवहार के साथ ही गांव के सभी लोगों के प्रिय थे। उन्होंने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि रविन्द्र की शहादत से हर कोई दुखी है। उन्होंने देश की सेवा करते हुए वीरगति पाई है किंतु उनके जाने से गांव ही नहीं सम्पूर्ण जनपद में शोक की लहर है और हर कोई दुखी है।
