छात्रसंघ चुनाव में विवाद, एमपीजी कॉलेज में चुनाव प्रक्रिया पर लगी रोक
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मसूरी। एमपीजी कॉलेज मसूरी में छात्रसंघ चुनाव की प्रक्रिया नामांकन और परिणाम घोषणा को लेकर उपजे विवाद के चलते फिलहाल रोक दी गई है। चुनाव प्रबंधन समिति की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए एबीवीपी, एनएसयूआई, मसूरी छात्र संगठन और जौनपुर ग्रुप से जुड़े छात्र नेताओं ने कॉलेज परिसर में जमकर हंगामा किया। एनएसयूआई सहित अन्य छात्र संगठन के छात्र प्रधानाचार्य कक्ष में धरने पर भी बैठ गए।
विवाद उस समय गहराया जब नामांकन प्रक्रिया के दौरान एबीवीपी के तीन पदों के लिए नामांकन में कमी पाए जाने पर उनके नामांकन स्वीकार नहीं किए गए। इसके बाद चुनाव प्रबंधन समिति ने देर शाम एनएसयूआई के तीन प्रत्याशियों के खिलाफ कोई अन्य प्रत्याशी नहीं होने के आधार पर उनके निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा कर दी। इस घोषणा के बाद एबीवीपी के छात्र नेता भड़क गए और उन्होंने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए। एबीवीपी नेताओं का आरोप था कि जब तक सभी नामांकन पत्रों की जांच और स्क्रूटनी की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई थी, तब तक तीन पदों पर परिणाम कैसे घोषित कर दिए गए। उन्होंने चुनाव प्रबंधन समिति के निर्णय को नियमों के विपरीत बताते हुए आपत्ति जताई।
वहीं, एनएसयूआई के छात्र नेताओं ने कॉलेज प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि स्क्रूटनी के लिए निर्धारित समय के दौरान प्रक्रिया पूरी नहीं की गई। उनका आरोप था कि न तो स्क्रूटनी की गई, न नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी हुई और न ही प्रत्याशियों की सूची चस्पा की गई। उन्होंने कहा कि यदि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं रखी जाती है तो वे सभी पदों पर चुनाव लड़ने पर पुनर्विचार करेंगे और अपने नामांकन वापस लेने की मांग करेंगे।
एनएसयूआई छात्र नेता जगपाल गुसांई ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि स्क्रूटनी और नाम वापसी के लिए निर्धारित समय के बावजूद संबंधित प्रक्रिया पूरी नहीं की गई, जिसका छात्र संगठन विरोध कर रहा है। मामले को लेकर प्रधानाचार्य डॉ. सुनील पंवार के कक्ष में छात्र नेताओं और कॉलेज प्रशासन के बीच तीखी बहस भी हुई। इसके बाद एनएसयूआई के छात्र वहीं धरने पर बैठ गए।
प्रधानाचार्य डॉ. सुनील पंवार ने बताया कि कॉलेज की चुनाव प्रबंधन समिति अपनी प्रक्रिया के अनुसार कार्य कर रही थी। इसी दौरान पहले एक गुट ने पहुंचकर कुछ आपत्तियां दर्ज कराईं। इसके बाद दूसरे गुट ने भी अपनी आपत्तियां रखीं। दोनों पक्षों की आपत्तियों को देखते हुए चुनाव समिति ने मामले में विश्वविद्यालय से दिशा-निर्देश लेने का निर्णय लिया है।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में गढ़वाल विश्वविद्यालय को पत्र भेजा गया है। विश्वविद्यालय से दिशा-निर्देश प्राप्त होने तक छात्रसंघ चुनाव की प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई है। इस दौरान मुख्य चुनाव अधिकारी डॉ. अमिताभ भट्ट भी मौजूद रहे। वहीं, किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए कोतवाल नरेंद्र गहलावत के नेतृत्व में पुलिस बल कॉलेज परिसर में तैनात रहा।
