रोटरी क्लब मसूरी ने आयोजित किया सम्मान समारोह, राष्ट्र के गौरवशाली रक्षकों को किया सम्मानित
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मसूरी। भारतीय तिरंगे के प्रति गर्व और देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत एक संध्या में रोटरी क्लब मसूरी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया। इस अवसर पर राष्ट्र के प्रति उत्कृष्ट सेवा, साहस और समर्पण के लिए विशिष्ट पूर्व सैनिकों एवं सेवारत कर्मियों को सम्मानित किया गया।
रोटरी अध्यक्ष अश्वनी मित्तल ने बैठक का शुभारंभ किया व इसके पश्चात पूर्व डिस्ट्रिक्ट गवर्नर रणबीर सिंह ने विशिष्ट अतिथियों का स्वागत किया। सचिव नूपुर करनवाल कैंतुरा, रोटेरियन अशोक कोहली एवं शैलेंद्र कर्णवाल’ ने सम्मानित अतिथियों का परिचय दिया। सम्मानित अतिथियों में सेवा निवृत्त आईजी मनोरंजन त्रिपाठी, सेवा निवृत्त डीआईजी एस.पी. चमोली, सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर रवि डिमरी, कर्नल सुनील कुमार, कैप्टन विजय बहुगुणा एवं कैप्टन कमलजीत सिंह शामिल रहे जिन्हें मनमोहन कर्णवाल, प्रमोद साहनी, सुविज्ञ सब्बरवाल, सुरेश अग्रवाल, फिरोज अली, रोटेरियन रजत अग्रवाल एवं रोटेरियन टी.एस. मनचंदा ने सम्मान स्वरूप स्मृति चिह्न भेंट कर राष्ट्र के गौरवशाली रक्षकों को सम्मानित किया। इस अवसर पर सम्मानित अतिथियों ने अपने गौरवपूर्ण सेवाकाल के प्रेरणादायक एवं रोमांचक अनुभव साझा किए, जिनमें कारगिल संघर्ष, चुनौतीपूर्ण सीमावर्ती तैनाती, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सेवाएं तथा समुद्र में ड्यूटी के अनुभव शामिल थे। उनके अनुभवों ने साहस, धैर्य, नेतृत्व और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण को उजागर किया।कर्नल सुनील कुमार ने बताया कि नई ओटीटी सीरीज सफेद सागर में उनके सेवाकाल के दौरान सामने आए कई अनुभवों और चुनौतियों को दर्शाया गया है। ब्रिगेडियर सेवानिवृत्त रवि डिमरी एवं आईजी सेवानिवृत्त मनोरंजन त्रिपाठी ने अपनी सेवा यात्राओं की चुनौतियों तथा समाज के लिए सकारात्मक योगदान देने के प्रयासों को साझा किया। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण डीआईजी सेवानिवृत्त आईटीबीपी एस.पी. चमोली का रोमांचकारी अनुभव रहा। उन्होंने उत्तरकाशी जिलें के सुदूर आंतरिक क्षेत्र के एक छोटे से गांव से लेकर अपने जीवन के सबसे चुनौतीपूर्ण अभियानों में से एक ब्रह्मपुत्र नदी में 300 किलोमीटर की रिवर राफ्टिंग यात्रा, जिसमें दुर्गम त्सांगपो गॉर्ज के 40 किलोमीटर क्षेत्र को पार करना शामिल था की रोमांचक कहानी सुनाई। इस संध्या ने रोटेरियनों को साहस, रोमांच, त्याग और राष्ट्रसेवा के प्रत्यक्ष अनुभव सुनने का दुर्लभ अवसर प्रदान किया। इन प्रेरणादायक संवादों ने रोटरी के स्वयं से ऊपर सेवा के मूलमंत्र को और मजबूत किया तथा राष्ट्र की सेवा में अपना जीवन समर्पित करने वाले वीरों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर माधुरी चमोली सहित रोटेरियन मौजूद रहे।
