प्राणघातक हमला करने वालों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर दिया ज्ञापन
मसूरी। विगत दिनों मालरोड कुलडी की चढाई पर आपसी विवाद के बाद पर्यटकों ने जिस तरह से रोड चलते लोगों सहित महिला पर जान लेवा हमला किया उस पर पुलिस की शांति भंग की कार्रवाई के खिलाफ लगातार शहर में आक्रोश बढता जा रहा है। इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के नाम कोतवाली में ज्ञापन दिया गया व कहा गया कि अगर तीन दिनों में सक्षम धाराओं में अभियोग पंजीकृत नहीं किया गया व उसे गिरफ्तार नहीं किया गया तो जनांदोलन के लिए बाध्य होना पडेगा।
एसएसपी को दिए गये ज्ञापन में कहा गया है कि गत 28 जून की रात्रि को मालरोड पर बाटा शोरूम के पास कुछ पर्यटकों के अनियत्रित वाहन चलाने पर हुए विवाद के बाद उन्होंने एक स्थानीय दंपत्ति व अन्य लोगों पर जिस तरह से प्राण घातक हमला किया वह अति निंदनीय है। इस घटना में शामिल चार से पांच लोग नशे में थे, जिन्होंने यह संज्ञेय अपराध किया। लेकिन उसके बाद पुलिस की कार्रवाई से स्थानीय लोगों व जनता में भारी आक्रोश है। पुलिस की इस कार्यवाही से आम जनता खास कर महिलाएं अपने को भयभीत व असुरक्षित महसूस कर रही है। ज्ञापन में कहा गया कि मसूरी में आये दिन बाहर से आये पर्यटक जिस तरह से शराब के नशे में हुड़दंग व अपराध कर रहे है, पुलिस उन पर कोई कड़ी कार्रवाई नहीं करती। मसूरी की कानून व्यवस्था सवालों के घेर में है और मालरोड में घूम रहे पर्यटक व स्थानीय नागरिक सुरक्षित नहीं है, और उनमें भय व्याप्त है। इस मौके पर पालिका के सभासद पवन थलवाल, पूर्व सभासद दर्शन रावत, सुधांशु रावत, शहर कांग्रेस अध्यक्ष अमित गुप्ता, रजत एकांत, भाजपा युवा मोर्चा अध्यक्ष सचिन पंवार, आदि ने कहा कि यह घटना अति निंदनीय है, लेकिन पुलिस ने इस मामले में असंवेदनशील कार्य किया है, व मामूली धाराएं लगायी गयी हैं, यह घटना पुलिस चैकी से पचास मीटर की दूरी पर हुई है व वीडियों में सबकुछ दिखाई दे रहा है उसके बाद भी पुलिस ने कडी कार्रवाई नहीं की जिससे आक्रोश बढ रहा है वहीं मसूरी की छवि धूमिल हो रही है।
