मैसानिक लॉज बस स्टैण्ड में आवासों पर अवैध कब्जों को हटाने टीम पहुंची

मसूरी। गत नगर पालिका परिषद मसूरी ने मैसोनिक लॉज बस स्टैंड का चौड़ीकरण किया गया था, इसके साथ ही वहां पर आवासीय भवन बनाए गए थे जिसका वाद न्यायालय में विचाराधीन है। वहीं दूसरी ओर मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण, नगर पालिका परिषद मसूरी, राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन ने वहां रह रहे लगभग 80 परिवारों के घरों की सीलिंग के लिए पहुंचे, जिसका स्थानीय लोगों द्वारा विरोध किया गया। इसके बाद नगर पालिका ने अवैध रूप से रह रहे लोगों को दो दिन के भीतर अपना सामान हटाने की अनुमति दी गई है।
पूर्व में मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण ने मैसानिक लॉज बस स्टैण्ड के नीचे बने आवासों पर सीलिंग की कार्रवाई की गई थी, जिसके बाद कुछ लोगों द्वारा सील तोड़कर मकान में रहना शुरू कर दिया गया था। इसी को देखते हुए नगर पालिका ने मकानों के सीलिंग की कार्रवाई की गई। जिसका जमकर विरोध किया गया लेकिन प्रशासन ने एक नहीं सुनी जिस पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने नगर पालिका और संबंधित विभागों से दो दिन का समय मांगा गया है। मौके पर मौजूद मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के अधिशासी अभियंता अजय मलिक का कहना है कि गत नगर पालिका परिषद ने बिना मानचित्र स्वीकृति के बस स्टैण्ड के नीचे आवासीय भवन बना दिए गए थे जिन्हें पूर्व में सील किया जा चुका है और एक बार फिर लोगों द्वारा सील तोड़ते हुए मकान में कब्जा कर दिया गया है जिसकी सूचना नगर पालिका द्वारा मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण को दी गई है जिस पर आज कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने कहा कि संबंधित लोगों द्वारा दो दिन का समय मांगा गया है जिस पर आज की कार्रवाई स्थगित कर दी गई है लेकिन इसकी विवेचना के बाद 2 दिन में पुनः सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन ने बताया कि यह संपत्ति नगर पालिका की है सन 2023 में यहां पर पार्किंग के लिए मानचित्र स्वीकृत किया गया था लेकिन यहां पर बिना स्वीकृति के आवासीय भवन बना दिए गए जिसमें मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण द्वारा पूर्व में सीलिंग की कार्रवाई की गई थी लेकिन कुछ लोगों द्वारा सीलिंग तोड़कर पुनः कमरों पर कब्जा कर दिया गया। उन्होंने कहा कि 2 दिन के बाद नगर पालिका द्वारा अपनी संपत्ति से लोगों को हटाया जाएगा। स्थानीय निवासी विमला देवी ने बताया कि जब यहां पर निर्माण कार्य हो रहा था उस समय विभाग की टीम को इसे रोक देना चाहिए था लेकिन अब जब यह पूरी तरह बनकर तैयार हो गया है तो विभागीय अधिकारी डंडा लेकर यहां पहुंच गए हैं। उन्होंने कहा कि यहां पर लगभग 80 परिवार निवास करते हैं और यदि उनसे कमरा खाली करवा दिया गया तो वह कहां जाएंगे । इस मौके पर एमडीडीए के सहायक अभियंता अजय मलिक, अवर अभियंता अनुराग नौटियाल, नगर पालिका अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन, सहित गौरव गुप्ता, अमित गुप्ता, धर्मपाल पवार व पुलिस बल मौजूद रहे।

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