पश्चिम बंगाल भारतीय सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय नवजागरण की पुण्यभूमिः राज्यपाल

1 min read

नैनीताल। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने शनिवार को लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में ‘‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’’ अभियान के अंतर्गत पश्चिम बंगाल राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों एवं पश्चिम बंगाल के नागरिकों को शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि भारत की विविधता उसकी सबसे बड़ी शक्ति है और यही विविधता राष्ट्रीय एकता को और अधिक सुदृढ़ बनाती है। उन्होंने कहा कि विभिन्न भाषाओं, वेशभूषाओं एवं परम्पराओं के बावजूद भारत की सांस्कृतिक आत्मा, राष्ट्रीय चेतना और साझा विरासत एक है। उन्होंने कहा कि हमारी सर्वोच्च पहचान भारत माता के गौरवशाली नागरिक के रूप में है और यही भावना ‘‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’’ की वास्तविक आत्मा है।
राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रारम्भ हुआ ‘‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’’ अभियान देश के विभिन्न राज्यों के बीच सांस्कृतिक संवाद, भावनात्मक एकता और राष्ट्रीय समरसता को सुदृढ़ करने का प्रभावी माध्यम बन रहा है। उन्होंने कहा कि लोक भवन अब केवल प्रशासनिक संस्थान नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के जीवंत केन्द्र के रूप में विकसित हो रहे हैं।
राज्यपाल ने पश्चिम बंगाल के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह राज्य आधुनिक भारत के सामाजिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक नवजागरण की अग्रणी भूमि रहा है। उन्होंने राजा राममोहन राय, ईश्वरचन्द्र विद्यासागर, स्वामी रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानन्द, गुरुदेव रवीन्द्रनाथ ठाकुर, आचार्य जगदीश चन्द्र बोस, सत्येन्द्रनाथ बोस तथा सत्यजीत रे के योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि इन विभूतियों ने भारतीय चिंतन और संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाई।
राज्यपाल ने कहा कि स्वामी विवेकानन्द का उत्तराखण्ड के मायावती आश्रम से तथा गुरुदेव रवीन्द्रनाथ ठाकुर का रामगढ़ से जुड़ाव दोनों राज्यों के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को और अधिक मजबूत बनाता है। उन्होंने कहा कि बंगाल की वैचारिक चेतना और उत्तराखण्ड की आध्यात्मिक ऊर्जा एक-दूसरे की पूरक हैं।
स्वतंत्रता संग्राम में पश्चिम बंगाल के योगदान का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि ‘वन्दे मातरम्’ और ‘जन-गण-मन’ ने राष्ट्र की चेतना को नई दिशा दी, जबकि नेताजी सुभाषचन्द्र बोस का त्याग, साहस और राष्ट्रभक्ति आज भी देशवासियों को प्रेरित करता है। कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल की संस्कृति, परम्पराओं, लोक कला एवं ऐतिहासिक विरासत पर आधारित विशेष प्रस्तुतियाँ भी आयोजित की गईं।  इस अवसर पर सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, विधि परामर्शी कौशल किशोर शुक्ल सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

Copyright, Mussoorie Times©2023, Design & Develop by Manish Naithani 9084358715. All rights reserved. | Newsphere by AF themes.