अल्पसंख्यक राज्य शैक्षणिक प्राधिकरण एक जुलाई से करेगा कार्य शुरू- कासमी
मसूरी। उत्तराखंड मदरसा शिक्षा परिषद के अध्यक्ष राज्यमंत्री मुफ्ती शमून कासमी ने कहा कि उत्तराखंड की धामी सरकार ने मदरसा बोर्ड के स्थान पर छह अल्पसंख्यक समुदायों को मिलाकर अल्पसंख्यक राज्य शैक्षणिक प्राधिकरण बना दिया है जो एक जुलाई 226 से कार्य शुरू करेगा। जिसमें आने वाले समय में मदरसा बोर्ड की डिग्री को शिक्षा परिषद के समान माना जायेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा मुसलमानों को वोट बैंक के रूप में प्रयोग किया लेकिन समुदाय का विकास नहीं किया। जबकि भाजपा सरकार में मुस्लिम सबसे ज्यादा सुरक्षित हो गया है।
मसूरी पहुंचे उत्तराखंड मदरसा शिक्षा परिषद के अध्यक्ष मुफ्ती शमून कासमी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उत्तराखंड गंगा जमुना तहजीब का प्रदेश है जहां सभी धर्मों के लोग मिलकर रहते हैं व मुख्य मंत्री धामी ने प्रदेश को आदर्श राज्य बनाने का कार्य कर रहे हैं। अभी तक जितने मुख्य मंत्री आये उसमें सबसे अधिक विकास व कार्य धामी की सरकार कर रही है। उन्हांने कहा कि संसार का सबसे पहला ज्ञान वेद है व अंतिम वाणी कुरान है व दोनों का मोल एक है। उन्हांने कहा कि प्रदेश में 452 मदरसे हैं और जो अवैध मदरसे थे उन्हें बंद नहीं किया बल्कि उन्हें कहा कि वे अपने कागज पूरे कर वैद्य मदरसा बना कर संचालित करें। उन्होंने कहा कि मदरसों में गरीब बच्चे पढते है उनके लिए राज्य की शिक्षा नीति शुरू की गयी है ताकि वे बच्चे अगर मस्जिद में मौलाना बनते है तो इंजीनियर डाक्टर भी बनेगे, उन बच्चों को सभी विषयों की आधुनिक शिक्षा दी जा रही है और आज देश के युवा मुसलमान यूपीएससी की परीक्षा निकाल कर देश को चलाने में सहयोग कर रहे है। उन्होंने वक्फ संपत्ति गरीबों के लिए है जो उसका गलत प्रयोग कर रहे है तो यह नहीं होने दिया जायेगा। इस मौके पर भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष जगजीत कुकरेजा, सिकंदर व मंजूर अहमद मौजूद रहे।
