अंतर्राष्ट्रीय जाट संसद ने दिव्यांशु जटराणा हत्याकांड की जांच एसआईटी से कराने की मांग उठाई

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देहरादून। उत्तरांचल यूनिवर्सिटी में बी.टेक द्वितीय वर्ष के शिक्षा ग्रहण कर करे छात्र दिव्यांशु जटराणा की निर्मम हत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना को लेकर विभिन्न सामाजिक संगठनों में रोष व्याप्त है और मामले की निष्पक्ष व गहन जांच की मांग उठ रही है। अंतर्राष्ट्रीय जाट संसद राष्ट्रीय अध्यक्ष मनु चौधरी ‘दाँतल’ ने मंगलवार को देहरादून पहुंच एसएसपी से मुलाकात की और ज्ञापन सौपते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि मामले की जांच राजपत्री अधिकारी से कराई जाए ताकि मामले में कोई भी अपराधी बच न सकें।
अंतर्राष्ट्रीय जाट संसद राष्ट्रीय अध्यक्ष मनु चौधरी ‘दाँतल’ ने कहा कि दिव्यांशु जटराणा, जो कि उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद के ग्राम अथाई के निवासी थे। जिनकी हत्या को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, विश्वविद्यालय परिसर और उसके आसपास कुछ छात्रों के संगठित गिरोह की अवैध गतिविधियों, विशेषकर नशीले पदार्थों के क्रय-विक्रय में संलिप्तता की चर्चा लंबे समय से चल रही है। लेकिन पुलिस उस पर कोई ध्यान नहीं दे रही थी। जिसका खामियाजा दिव्यांशु जटराणा की जान जाने के रूप में उसके परिजनों को भुगतना पड़ा।
उन्होंने कहा कि बताया जा रहा है कि दिव्यांशु को योजनाबद्ध तरीके से घेरकर हत्या की गई। अब तक पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, लेकिन स्थानीय लोगों और विश्वसनीय स्रोतों का दावा है कि इस वारदात में 13 से 15 लोगों की संलिप्तता हो सकती है। आरोपियों में से अभी कई पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। लेकिन पुलिस कुछ नहीं कर पा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस को जल्द से जल्द बचे हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए।
इस मामले को लेकर अंतरराष्ट्रीय जाट संसद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनु चौधरी ‘दांतल’ ने पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, देहरादून को ज्ञापन सौंपते हुए कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं। संगठन ने मामले की जांच विशेष जांच टीम (एसआईटी) से कराने, सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी, विश्वविद्यालय परिसर में चल रही अवैध गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई तथा पीड़ित परिवार को सुरक्षा व न्याय सुनिश्चित करने की मांग की है।
संगठन ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र और संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से देशव्यापी आंदोलन करने को बाध्य होंगे। इस दौरान अंतरराष्ट्रीय जाट संसद के प्रदेश अध्यक्ष टोनी वर्मा, प्रदेश सचिव सिद्धार्थ तोमर, निर्भय सिंह, सोमवीर सिंह राठी, सचिन प्रधान, गौरव सांगवान, मनोज तोमर और जिलाध्यक्ष अंकित चौधरी सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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