विधानसभा सत्र का तीसरा दिनः सड़क से लेकर सदन तक ‘घमासान’

1 min read

देहरादून। विधानसभा में पांच दिवसीय बजट सत्र का तीसरा दिन है। सत्र के दौरान सदन से लेकर सड़क तक चल रहे आंदोलन के बीच सदन की कार्यवाही जारी रही। विपक्ष के कडे़े तेवर और सवालों से सरकार कटघरे में खड़ी है वही दूसरी ओर कई राजनैतिक दल और सामाजिक संगठनों से जुडे़ लोगों ने कई मुद्दों को लेकर सड़क पर प्रदर्शन किया।
प्रश्नकाल में कई मुद्दों को लेकर सदन में हो-हल्ला हुआ। बीते रोज  भी नियम 58 पर चर्चा के दौरान सदन में खूब हंगामा हुआ था। वहीं, सड़कों पर भी विपक्ष ने जमकर प्रदर्शन किया। विधानसभा सत्र कार्यवाही में कांग्रेस ने नियम 310 में भूमिधरी का मुद्दा उठाया। वहीं, हल्द्वानी विस क्षेत्र के विभिन्न मुद्दों को लेकर विधायक सुमित विधानसभा भवन परिसर में धरने पर बैठ गए।
विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही प्रश्नकाल में विधायकों ने कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या से उनके विभागों से संबंधित सवाल पूछे। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पास महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले और खेल एवं युवा कल्याण जैसे महत्वपूर्ण विभाग हैं। प्रश्नकाल में पहला सवाल पूछा कांग्रेस विधायक लखपत बुटोला ने चमोली दशोली में सेमलडाला मैदान पेपलकोटी पर पूछा सवाल। मैदान के विस्तारीकरण के सवाल पर दिया जवाब कि अभी कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
दूसरे सवाल में भाजपा विधायक सुरेश गड़िया ने नेशनल गेम्स में मेडल होल्डर खिलाड़ियों को नौकरी पर पूछा। मातृ वंदना योजना पर डोईवाला विधायक बृजभूषण गैरोला ने पूछा सवाल। लक्ष्य से कम पंजीकरण पर उठाया सवाल। जवाब में रेखा आर्या में कहा कि राष्ट्रीय हेल्थ सर्वे और योजना के स्पेसिफिक मानकों के चलते आ रही है व्यावहारिक दिक्कत। महेश जीना ने रेखा आर्या से पूछा एपीएल बीपीएल कार्ड को लेकर सवाल। मानकों को लेकर उठाये सवाल। खेल और युवा कल्याण मंत्री से पूछा गया मिनी स्टेडियम और खेल मैदानों पर सवाल। बीच में मुख्यमंत्री ने उठ कर दिया जवाब। बजट में हर ब्लाक के लिए मिनी स्टेडियम बनाने के लिए रखा गया है प्रावधान है। प्रश्नकाल में कांग्रेस विधायक ने कहा कि राशन कार्ड नहीं बन पा रहे हैं और इससे आयुष्मान कार्ड भी नहीं बन पा रहा है। मंत्री ने किया स्पष्ट कि राशन कार्ड और आयुष्मान कार्ड में कोई संबंध नहीं है। परिवार बंटवारे के समय आती है समस्या पर काजी बोले पूरे प्रदेश की ही ये नीतिगत समस्या है।
विधानसभा के अन्य कार्यों में उपयोग को लेकर सतपाल महाराज के बयान से विपक्ष खासा नाराज है। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या ने कहा कि गैरसैंण विधानसभा भवन को शादी-बारात और वेडिंग व कारपोरेट डेस्टिनेशन बनाने का सुझाव अत्यंत निंदनीय है। गैरसैंण केवल एक भवन नहीं, बल्कि उत्तराखंड की जनता के संघर्ष, सपनों और राज्य आंदोलन की भावनाओं का प्रतीक है। इस स्थान को लोकतंत्र के मंदिर के रूप में स्थापित किया गया, उसे शादी-बारात या कारपोरेट कार्यक्रमों के लिए उपयोग करने की बात करना राज्य की अस्मिता का अपमान है। सरकार को इस विषय पर तत्काल स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वह वास्तव में विधानसभा जैसे पवित्र संस्थान को पर्यटन और व्यावसायिक आयोजनों का स्थल बनाना चाहती है? उत्तराखंड की जनता इस विषय पर सरकार से स्पष्ट जवाब चाहती है।

Copyright, Mussoorie Times©2023, Design & Develop by Manish Naithani 9084358715. All rights reserved. | Newsphere by AF themes.