तिब्बती राष्ट्रीय विद्रोह दिवस पर तिब्बतियों ने प्रदर्शन किया
मसूरी। तिब्बती राष्ट्रीय विद्रोह दिवस की 67वीं वर्ष गांठ पर तिब्बती समुदाय के लोगों ने चीन के खिलाफ प्रदर्शन किया व तिब्बत की आजादी में विश्व के देशां से समर्थन की मांग की। हैप्पीवैली से शुरू प्रदर्शन गांधी चौक होते हुए मालरोड गया व एलआईसी कार्यालय से वापस गांधी चौक पर समापन किया गया।
तिब्बती युवा कांग्रेस के नेतृत्व में हर वर्ष दस मार्च को पूरे विश्व में तिब्बती राष्ट्रीय विद्रोह दिवस मनाया जाता है। दस मार्च 1959 को चीन ने तिब्बत की संप्रभुता व आजादी छीन ली व इसमें कई तिब्बती लोगों ने बिना किसी स्वार्थ के अपनी जान गवां दी। उन सभी देश भक्तो के सम्मान व उन्हें श्रद्धांजलि देने के साथ तिब्बत की आजादी की मांग को लेकर तिब्बती राष्ट्रीय विद्रोह दिवस हर साल मनाया जाता है। जिसके तहत हैप्पीवैली से विरोध प्रदर्शन शुरू किया गया जिसमें बड़ी संख्या में तिब्बती समुदाय के महिलाओं व पुरूषों ने प्रतिभाग किया व रास्ते भर तिब्बत की आजादी की मांग को लेकर व चीन के विरोध में नारेबाजी करते रहे। वहीं चीन लगातार चीन में रह रहे तिब्बतियों के उपर अत्याचार कर रहा है। वहीं उनकी सांस्कृतिक धरोहरों को नष्ट करने के साथ ही उनकी संस्कृति को तोड़ा जा रहा है व उनके बच्चों को परिवार से अलग कर कालोनियल बोर्डिग स्कूलों में पढाया जा रहा है, ताकि उनकी भाषा व संस्कृति समाप्त हो सके। जबकि तिब्बत से बाहर रह रहे तिब्बती समुदाय के लोग अपनी संस्कृति, भाषा व पहचान को बचाकर आजादी के लिए संघर्ष जारी रखे हुए है। वहीं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी लगातार दबाव बना रहे हैं। इस मौके पर तिब्बती युवा कांग्रेस ने लोगों का आहवान किया है कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी तिब्बत के अंदर तिब्बतियों पर लगातार जुल्म कर रही है व बाहर साजिशें की जा रही है ताकि तिब्बती समाज को तोड़ा जा सके ऐसे में सभी को एकजुट होकर साथ खड़ा होना होगा व देश की आजादी के लिए संघर्ष करना होगा। तिब्बती समुदाय ने भारत का विशेष आभार व्यक्त किया जिन्होंने शरण दी व उनकी संस्कृति, पहचान व भाषा को बचाने में सहयोग कर रही है। इस मौके पर बड़ी संख्या में तिब्बती युवा कांग्रेस व महिला कांग्रेस के सदस्य मौजूद रहे।
