आम जनता के साथ-साथ शहर के अब बड़े-बड़े बिल्डरस भी भू माफियों के शिकार हो रहे

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देहरादून: देहरादून के विकासनगर स्थित सहसपुर ब्लॉक और खासकर धर्मावाला क्षेत्र में कुख्यात भू-माफिया गैंग द्वारा किसानों और बड़े बिल्डरों के साथ धोखाधड़ी के मामलों में तेजी आई है, जबकि SSP देहरादून के नेतृत्व में भू-माफियाओं पर लगातार कार्रवाई भी जारी है। हाल ही के मामलों में किसानों की जमीनों को अपना बताकर यह गैंग बड़े बिल्डरों से एग्रीमेंट कर मोटी रकम की वसूली कर रहा है, जिससे विवाद न्यायालय तक पहुंच रहे हैं.
ऐसे ही एक संगठित लोगों पर आरोप लगाते हुए “आरए कन्ट्रैक्शन” ने आरोप लगाया है जिसमें सहसपुर ब्लॉक और खासकर धर्मावाला क्षेत्र में कुख्यात भू-माफिया गैंग कानून की आंख में धूल झोंक कर इस ठगी को अंजाम देने की बात कही गई है। पुलिस में शिकायत होने और मामला न्यायालय के संज्ञान में आने के बाद इस मामले में कोर्ट द्वारा भूमि में स्टे भी लगाया गया है.
इस गैंग ने बड़े ही शातिराना तरीके से किसानों की जमीन को अपनी जमीन बताते हुए देहरादून के एक बड़े “आर ए बिल्डर” को करीब 65 बीघा जमीन बेच डाली जिसके बाबत इन्होंने 3 करोड रुपए की मोटी रकम भी वसूली और मौके पर कब्जा भी दे दिया लेकिन तब उक्त कथित किसानों के अनुरोध की अभी खेतों में फसल खड़ी है इसीलिए उस दौरान जमीन पर कब्जा नहीं लिया गया परंतु बाद में जब फसल काट दी गई तब “आर ए बिल्डर” कब्जा लेने पहुंचा तो उक्त गैंग कब्जा देने में आनाकानी करने लगा, “आर ए बिल्डर” ने थोड़ी जांच पड़ताल की तो पता चला कि उक्त 65 बीघा में से कई रकबे यह गैंग किसी और पार्टी को भी बेच चुका है जिसमें खरीददार “रिंकू सिंह उर्फ रिंकू” को बताया गया है.
ऐसे में बड़ा सवाल है कि आखिर किस की शह पर 3 करोड रुपए का गबन कर यह गैंग खुले आम घूम रहा है? वहीं यह ठग किसानों को अपने साथ लेने का दावा करते हुए पहले तो बिल्डरों को फांसते हैं और बाद में जब कब्जा देने की बारी आती है तब किसान ही इनसे दरकिनार कर लेते हैं आखिर यह कैसे और क्यों संभव हो रहा है?
भू-माफिया के ऑपरेशन का तरीका!
इस गैंग का मुख्य तरीका किसानों की जमीनों पर फर्जी दावे कर बड़े बिल्डरों से लाखों की रकम वसूलना है. फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी और खसरा-खतौनी के कागज बनाकर कई बार एक ही जमीन को अलग-अलग लोगों को बेचने की घटनाएं सामने आईं हैं. किसानों के साथ एग्रीमेंट होने के बाद, जमीन पर कब्जा दिलाने का झांसा देकर रकम ली जाती है, जबकि न तो जमीन का कब्जा मिलता है, न रजिस्ट्री होती है, जिससे विवाद न्यायालय तक जा पहुंचते हैं.
ताज़ा कार्रवाई और SSP का कड़ा रुख!
SSP देहरादून अजय सिंह के दिशानिर्देशन पर पुलिस लगातार भू-माफियाओं के खिलाफ छापेमारी और गिरफ्तारी कर रही है। ताजा मामलों में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर करोड़ों की ठगी के आरोपी गिरफ्तार भी किए गए हैं. सिर्फ सहसपुर या धर्मावाला ही नहीं, देहरादून जिले भर में भू-माफियाओं पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और संपत्ति जब्तीकरण की कार्रवाई तेजी से हो रही है.
विवादों और न्यायिक प्रक्रिया का हाल!
बड़े बिल्डरों के साथ जब धोखाधड़ी के मामले प्रकाश में आते हैं, तो अदालत से भूमि पर स्थगन आदेश (स्टे) भी जारी हो जाते हैं, जिससे कई प्रोजेक्ट और निवेशक प्रभावित हो रहे हैं, उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है. जमीन सौदों में फंस रहे लोगों को पुलिस का सहारा और शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी जा रही है. हाल की घटनाओं में बैंक चेक बाउंस, धमकी और गालीगलौच जैसी समस्याएं भी सामने आई हैं.
सतर्कता और पुलिस की अपील!
पुलिस लगातार जनता को चेतावनी दे रही है कि जमीन खरीद-फरोख्त में पूरी जांच-पड़ताल और रजिस्ट्री से पहले दस्तावेजों की वैधता की कानूनी पुष्टि अवश्य करें SSP देहरादून ने साफ कहा है कि समाज को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी असामाजिक तत्व को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसी किसी जानकारी के लिए पुलिस की मदद लें.इस प्रकार, पछवा दून के सहसपुर धर्मावाला क्षेत्र में फिर से भू-माफिया सक्रिय हैं, लेकिन SSP देहरादून की मजबूत कार्रवाई से ऐसे मामलों पर शिकंजा कसता दिख रहा है। फिर भी आमजन और बिल्डरों को जमीन सौदों में पूरी सावधानी बरतने की जरूरत बनी हुई है।

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