मसूरी में पार्किंग संकट दूर करने को सभासदों ने उठाई आवाज, एनसीसी की बाध्यता खत्म करने की मांग
मसूरी। पर्यटन नगरी में लगातार गहराती पार्किंग समस्या के समाधान के लिए पालिका सभासदों ने निजी भूखंडों पर पार्किंग निर्माण की अनुमति देने और इसके लिए एनसीसी की अनिवार्यता में राहत प्रदान करने की मांग उठाई है। इस संबंध में सभासदों ने उपजिलाधिकारी राहुल आनंद के माध्यम से मुख्य सचिव और संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन भेजा। पालिका सभासद पवन थलवाल और विशाल खरोला ने कहा कि मसूरी में पार्किंग की कमी के कारण स्थानीय लोगों के साथ ही पर्यटकों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पर्यटन सीजन में स्थिति और गंभीर हो जाती है तथा सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ने से जाम की समस्या पैदा होती है। यदि निजी भूखंडों पर पार्किंग निर्माण की अनुमति दी जाती है तो शहर में पार्किंग की उपलब्धता बढ़ाई जा सकती है और यातायात व्यवस्था को भी राहत मिलेगी।
उपजिलाधिकारी राहुल आनंद ने कहा कि मसूरी में पार्किंग का मुद्दा बेहद महत्वपूर्ण है। इससे संबंधित प्रवेश पंत बनाम स्टेट का मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। इसी क्रम में गृह सचिव एवं आवास सचिव के नेतृत्व में मसूरी में संभावित पार्किंग स्थलों को चिह्नित करने के निर्देश दिए गए थे। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया के तहत मसूरी में पांच सरकारी और छह निजी पार्किंग स्थलों की पहचान की गई है। इसके अतिरिक्त विभिन्न भूखंडों में 53 पार्किंग स्थलों को भी चिह्नित किया गया है। इनकी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। एसडीएम ने बताया कि अब शासन स्तर पर इस मामले में विचार किया जाएगा। संबंधित क्षेत्र को अधिसूचित, अधिसूचना से मुक्त अथवा मुक्त क्षेत्र घोषित करने जैसे विकल्पों पर विचार कर एनसीसी से जुड़ी बाध्यता का समाधान निकालने की दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं। मसूरी में पार्किंग की समस्या लंबे समय से स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। ऐसे में निजी भूखंडों पर पार्किंग निर्माण को लेकर शासन के निर्णय पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
