शरदोत्सव में लोक संस्कृति के रंगों से सराबोर हुई मसूरी
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मसूरी। शरदोत्सव-2026 के तहत मसूरी के विभिन्न स्थानों पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उत्तराखंड सहित देश के विभिन्न राज्यों की लोक संस्कृति के रंग देखने को मिले। लंढौर चैक, गढ़वाल टैरेस, गांधी चैक और टाउन हॉल में आयोजित कार्यक्रमों में स्थानीय कलाकारों के साथ ही देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे लोक कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
शरदोत्सव के तहत प्रातः छह बजे हाइब्रिड एक्सगेम फिटनेस इन मसूरी का आयोजन किया गया, जिसमें लोगों को स्वस्थ जीवनशैली और फिटनेस के टिप्स दिए गए। इसके बाद लंढौर चैक, गढ़वाल टैरेस और गांधी चैक पर दिनभर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला चलता रहा।
लंढौर चैक और गढ़वाल टैरेस पर इप्टा के कलाकारों ने प्रस्तुतियां दीं। गढ़वाल टैरेस पर लोक गायक राम कौशल ने रेणुका माता के भजन से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद उन्होंने ‘रांसु लगे’, ‘चैता’, ‘बंदोला’, ‘चल बीनू मेरा मुलक’ सहित कई गीतों और नृत्य प्रस्तुतियों से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम का संचालन अनिल गोदियाल और विजय बिंदवाल ने किया।
गांधी चैक पर प्रमिला पंवार के झुमैलों ग्रुप ने मांगल गीत से सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद कलाकारों ने विभिन्न लोकनृत्यों की प्रस्तुति दी। इस दौरान पहाड़ की पारंपरिक वेशभूषा का भी प्रदर्शन किया गया।
उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र की ओर से गांधी चैक पर हिमाचल प्रदेश से आए कलाकारों ने पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ नाटी की मनमोहक प्रस्तुति दी। वहीं गढ़वाल टैरेस पर कश्मीर से आए कलाकारों ने कश्मीरी लोकनृत्य प्रस्तुत किया। गांधी चैक पर हरियाणा से आई टीम ने हरियाणवी गीतों और नृत्यों की प्रस्तुति देकर खूब तालियां बटोरीं। गढ़वाल टैरेस पर अनिल गोदियाल की ओर से ‘नंदादेवी राजजात’ पर आधारित नृत्य-नाटिका का मंचन भी किया गया, जिसने दर्शकों को उत्तराखंड की लोक आस्था और संस्कृति से जोड़ा।
टाउन हॉल में स्थानीय क्लब एवं स्वजन शिक्षा समिति की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके बाद लोक गायिका मनु वंदना की प्रस्तुति हुई। उन्होंने गढ़वाली और कुमाऊंनी गीतोंकृ‘घुघुती घुरौण लगी’, ‘चैता की चैत्वाली’, ‘हे मेरा पहाड़’, ‘रंगीला उत्तराखंड’ आदि की प्रस्तुति देकर माहौल को संगीतमय बना दिया।
इसके बाद आयोजित रमछोल कार्यक्रम में उत्तराखंड के प्रसिद्ध लोक गायकों ने अपनी प्रस्तुतियों से देर रात तक समां बांधे रखा। पालिका सभासद विजय बिंदवाल के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में लोक गायिका मंजू नौटियाल ने ‘सुरेतु माता’, ‘कमर पीड़ा’ सहित कई गीत प्रस्तुत किए। गजेंद्र राणा ने ‘लीला घस्यारी’, ‘पुष्पा छोरी’, ‘बबली तेरो मोबाइल’ और ‘जय हो नंदादेवी’ जैसे गीतों से दर्शकों को झूमने पर मजबूर किया। जौनसारी गायक मनोज सागर ने ‘शावली’, ‘हाय रे नारिया’ और ‘प्यारी साथेनी’ जैसे गीत प्रस्तुत किए। वहीं वीरेंद्र पंवार और संगीता ढौडियाल ने भी लोकगीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम में पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी, अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन सहित अतिथि और पालिका सभासद मौजूद रहे।
