लंढौर हेरिटेज वॉक में गूंजा मसूरी के इतिहास का पाठ, 30 बच्चों ने जानी विरासत की कहानी
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मसूरी। शरदोत्सव-2026 के तहत आयोजित लंढौर हेरिटेज वॉक में सेंट क्लेयर्स स्कूल के 30 छात्र-छात्राओं ने मसूरी के गौरवशाली इतिहास, संस्कृति और विरासत को करीब से जाना। ‘चलो पहाड़’ संस्था के अध्यक्ष, इतिहासकार एवं हेरिटेज वॉक विशेषज्ञ दीपांकर त्रिपाठी ने बच्चों को हेरिटेज वॉक कराते हुए मसूरी और लंढौर से जुड़े ऐतिहासिक प्रसंगों की जानकारी दी।
हेरिटेज वॉक सेंट क्लेयर्स स्कूल से शुरू होकर घंटाघर, लंढौर बाजार, महिलंगार होते हुए लंढौर कम्युनिटी अस्पताल तक पहुंची। करीब दो घंटे चली इस वॉक के दौरान विद्यार्थियों को मसूरी के इतिहास, स्थानीय संस्कृति और लोककथाओं के साथ ही शहर के ऐतिहासिक स्थलों के बारे में विस्तार से बताया गया।
दीपांकर त्रिपाठी ने बच्चों को ब्रिटिश काल से जुड़े विभिन्न प्रसंगों और मसूरी के बसने की कहानी रोचक किस्सों के माध्यम से सुनाई। उन्होंने बताया कि किस तरह मसूरी की पहाड़ियों पर यह खूबसूरत हिल स्टेशन विकसित हुआ और लंढौर ने अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक विरासत एवं पहचान कायम की। इतिहास से जुड़े प्रसंगों को सुनकर बच्चों में भी खासा उत्साह दिखाई दिया। विद्यार्थियों ने विभिन्न स्थानों और घटनाओं को लेकर जिज्ञासा जताते हुए सवाल पूछे, जिनका दीपांकर त्रिपाठी ने विस्तार से जवाब दिया।
इस अवसर पर दीपांकर त्रिपाठी ने कहा कि हेरिटेज वॉक का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी स्थानीय विरासत, इतिहास और संस्कृति से जोड़ना है, ताकि बच्चे अपनी जड़ों को समझें और इनके संरक्षण के प्रति जागरूक बनें। हेरिटेज वॉक में मार्गदर्शक प्रकाश नयाल, मोहित पंवार तथा विद्यालय के खेल शिक्षक मोहन नेगी भी मौजूद रहे।
