लिटरेचर एंड आर्ट फेस्टिवल 26 व 27 सितंबर को, देश-विदेश के 30 से अधिक लेखक होंगे शामिल
मसूरी। पर्यटन नगरी में आगामी 26 व 27 सितंबर को देश विदेश के साहित्यकारों व कलाकारों की महफिल दूसरे लंढौर लिटरेचर एंड आर्ट फेस्टिवल में सजेगी। वहीं इस दौरान फिल्मांे का प्रदर्शन, लाइव म्यूजिक कविता पाठ, भाषण, आदि का भी आयोजन किया जायेगा।
लेखक व दचक्कर के को फाउंडर करण मधोक ने कहा कि मसूरी में होने वाला लिटरेचर एंड आर्ट फेस्टिवल टेवलर राइटर पदमश्री हयू गेंजर व कॉलिन गेंजर को समर्पित किया गया है। उन्होंने बताया कि द चक्कर व मसूरी हेरिटेज संेंटर के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित होने वाला लिटरेचर फेस्टिवल लंढौर छावनी क्षेत्र में आईवी बैंक में आयोजित होगा। उन्होंने कहा कि दुनिया में लंढौर और मसूरी जैसी बहुम कम जगह हैं जहां अनेक क्रिएटिव लोग जन्में हैं जिन्हांेने साहित्य व अन्य विषयों में प्रेरित किया है।उन्होंने कहा कि यह लिटरेचर एंड आर्ट फेस्टिवल संस्कृति एवं कला की विरासत को सम्मान देने के लिए आयोजित किया जा रहा है साथ ही बडे समुदाय के साथ जुडकर हिमालयी इकोसिस्टम को सस्टनेबल करने व उसे बढावा देना भी उददेश्य है। इस मौके पर मसूरी हेरिटेज सेंटर की फाउंडर एवं क्यूरेटर सुरभि अग्रवाल ने कहा कि मसूरी हेरिटेज सेंटर लंबे समय से चल रहे कम्युनिटी प्लेटफार्म, लंढौर लेक्चर सिरीज से जुड़ने,के लिए पहाड़ों की रानी में किया जाता है। जिसमें ज्ञानवर्धक चर्चा, कला व मनोरंजन को शामिल किया गया है। इस फेस्टिवल में 30 से अधिक लेखक स्टीफन आल्टर, अमेरिकी लेखक व वैज्ञानिक एलन लाइटमैन, उत्तराख्ंाड के अशोक पांडे, जान्हवी प्रसाद, गोवा के विवेक मेनेजेस, लेखक व पत्रकार जिमी आल्टर, स्थानीय संगीतकार अडी मनराल,, स्मिता अग्रवाल, अनमोल जैन, नारायणी बसु, अतुल सेठी, रूपलीना बोस, किरन भटट, युसुफ अन्सारी,मार्तंड बडोनी, मुक्ति दत्ता, एएम गौतम, लोेकेश घई,सिद्धार्थ कपिला, प्रिया कपूर, प्रेरणा रतूडी, अक्षय शाह,संयुक्ता शर्मा, सौरभ शर्मा, सीजल वोहरा, प्रतीक संतराम, राज बिजलवाण, आदि आ रहे हैै। उन्हांेने बताया कि इस फेस्टिवल में अधिकतर अंग्रेजी लेखक है हिंदी के कम है लेकिन आने वाले समय में हिंदी लेखकों को प्राथमिकता दी जायेगी। उन्होंने यह भी बताया कि इसमें जितने लेखक देश विदेश से आ रहे है उनका मसूरी से किसी न किसी रूप में जुड़ाव रहा है। उन्हांेने कहा कि इस फेस्टिवल में चार पुस्तकों को लोकापर्ण भी किया जायेगा वहीं लेखकों की पुस्तकों पर चर्चा भी की जायेगी।
