पानी वाला बैंड के समीप भूस्खलन से आस पास के मकानों को खतरा, लोगों में भय व्याप्त।
मसूरी। गत वर्ष 16 सितंबर 2026 की आपदा को अभी 1 वर्ष भी पूरा नहीं हुआ है कि एक बार फिर मौसम ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। भारी बारिश से पानी वाला बैंड के समीप पहाड़ी टैरेस के ठीक नीचे पहाड़ी का एक हिस्सा भूस्खलन से गिर जाने के बाद पहाड़ी टैरेस व आसपास के मकानों को खतरा पैदा हो गया है जिस पर वहां रहने वाले लोगों ने मकान खाली कर दिए है।
लगातार मूसलाधार बारिश के बाद जहां आम जनजीवन प्रभावित हुआ है वही नदी नाले उफान पर आ गए हैं मौसम विभाग के अनुसार तीन दिनों तक उत्तराखंड के कई जिलों में भारी से भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है। वही शासन प्रशासन भी अलर्ट मोड पर आ गया है और नदी नाले के किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी दी गई है। लगातार हो रही बारिश के बाद मसूरी देहरादून मार्ग पर पानी वाले बैंड के निकट नाले में पानी के तेज बहाव के कारण भू कटाव होने लगा है इसके कारण आसपास रह रहे लोगों के मकानों को खतरा पैदा हो गया है और स्थानीय लोगों द्वारा शासन प्रशासन से सुरक्षा की मांग की गई है साथ ही नाले में तेज बहाव के कारण हो रहे भू कटाव की ट्रीटमेंट की मांग की जा रही है। मसूरी देहरादून मार्ग पर भी कई स्थानों पर भारी बारिश के कारण मालवा आने से यातायात प्रभावित हुआ है हालांकि लोग निर्माण विभाग द्वारा जेसीबी मशीन लगाकर सड़कों पर आ रहे मालवे को साफ किया जा रहा है। लेकिन अभी भी खतरा बना हुआ है और यातायात भी धीमी गति से चल रहा है व बार बार जाम लग रहा है। पहाड़ी टैरेस के स्वामी दीपक रावत ने बताया कि यहां पर उनका रेस्टोरेंट और मकान है जहां पर उनका परिवार निवास करता है इसके अलावा आसपास पांच परिवार रहते हैँ उन्होंने बताया कि यहां पर बारिश के कारण नाले का जलस्तर काफी बढ़ गया है जिससे भू कटाव हो रहा है जिसके कारण यहां पर आसपास की दुकान और कई मकान खतरे की जद में आ गए हैं। उन्होंने कहा कि यदि शासन प्रशासन ने समय रहते इसका ट्रीटमेंट नहीं किया तो जान माल की हानि हो सकती है। खतरे को देखते हुए उन्होंने अपने परिवार को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया है व मकान खाली कर दिया है। उन्होंने बताया कि गत वर्ष भी घर के नीचे की चटटान दरक गयी थी उन्होंने उसे बनाने की अनुमति मांगी लेकिन अनुमति नहीं दी गयी, जो अब खतरा बन गयी है।
