जौनपुर रवांई को अनुसूचित जनजाति क्षेत्र घोषित किया जाए
मसूरी। नगर पालिका टाउन हाल में रंवाई जौनपुर को जनजाति में शामिल करने की मांग को लेकर क्षेत्रीय जनप्रतिधियों की बैठक आयोजित की गयी जिसमें सभी ने अपने सुझाव रखे व इस संबंध में आने वाली समस्याओं पर भी विस्तार से चर्चा की गयी। क्षेत्र के लोगों का मानना है कि यह क्षेत्र ओबीसी नहीं बल्कि जनजाति क्षेत्र घोषित किया जाना चाहिए।
नगर पालिका टाउन हाल में जौनपुर रंवाई के जनप्रतिनिधियों की बैठक में पूरे क्षेत्र को जनजाति में शामिल करने की मांग की गयी। इस मौके पर पूर्व पालिकाध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल ने कहा कि जौनपुर रंवाई के चार पटिटयों की बैठक की गयी, उन्होंने कहा कि रंवाई व बड़कोंट के कुछ लोगों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र भेज कर जनजाति क्षेत्र घोषित करने की मांग की, जिसका पता लगने पर तय किया गया कि यह लडाई सब मिलकर लडे़ व अगर रंवाई को जनजाति में शामिल करते है तो जौनपुर व रंवाई के गोडर खाडर का जो क्षेत्र छूट गया है उसे भी इसमें शामिल किया जाय। जौनपुर प्रधानसंघ के अध्यक्ष प्रदीप कवि ने कहा कि रंवाई जौनपुर की अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की मांग बहुत पुरानी है, जबकि 1967 में जौनसार को अनुसूचित जनजाति में शामिल कर लिया गया था लेकिन जौनपुर व रंवाई छूट गया था, जबकि सभी का रहन सहन, खानपान, रीति रिवाज एक ही है। इसमें अभी क्षेत्रीय विधायकों को भी शामिल होने के लिए कहा गया है, व विभिन्न स्थानों पर बैठक करेंगे ताकि सभी राजनैतिक दल एकजुट होकर इस मांग को उठाये ताकि आने वाली पीढियों का भला हो सके। जिला पंचायत सदस्य जोत सिंह रावत ने कहा कि बैठक में जौनपुर व रंवाई के जनप्रतिनिधि बैठक में आये है व इस क्षेत्र को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की मांग 1952 से चली आ रही है। इस बैठक के बाद बडे स्तर की बैठक की जायेगी। इस मौके पर पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी, पूर्व पालिकाध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल, जिला पंचायत सदस्य जोत सिंह रावत, पूर्व जिला पंचायत सदस्य अमेंद्र बिष्ट, वीरेंद्र रावत, मेघ सिंह कंडारी, दिनेश बडोनी, प्रदीप कवि, सुरेंद्र रावत, दर्शन लाल नौटियाल, राजेश बहुगुणा, शीतल गौड, वीरपाल कठैत, लोकेंद्र नौटियाल, दीपचंद सजवाण, सरदार सिंह मल्ल, सुरेद्र रावत, पूर्णानंद डोभाल, शेलेंद्र बिष्ट, दिनेश बर्तवाल, सोबत रावत, पूजा पंवार, महिपाल राणा, गंभीर सिंह नेगी, कपिल भंडारी, मंजीत पंवार, सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
