पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी के निधन से मसूरी में शोक की लहर
मसूरी। प्रदेश के दो बार मुख्यमंत्री रहे, अनुशासन प्रिय, ईमानदार जनसेवक बेदाग छवि व कुशल प्रशासक पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी के निधन से मसूरी में भी शोक की लहर छा गयी। उनका व उनके परिवार का मसूरी से गहरा लगाव रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी के निधन पर प्रदेश के मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उन्होंने संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा व जनसेवा को समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि एक वीर सैनिक के रूप में मां भारती की सेवा करने से लेकर एक कुशल प्रशासक और राजनेता के रूप में उत्तराखंड के व निर्माण में उनका योगदान अतुलनीय है। खंडूरी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी ने कहा कि उनके निधन से जहां भाजपा को राजनैतिक क्षति पहुंची है वहीं एक ईमानदार कर्मठ नेता व कुशल प्रशासक खो दिया है। उन्होंने बताया कि जब वह जिला पंचायत चुनाव लड़ी थी तब वे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री थे व उनसे मिलने का अवसर मिला था। उनके निधन से देश व उत्तराखंड ने एक सच्चा जनसेवक व कर्मठ नेता खो दिया जिसकी भरपाई होना कठिन है। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी के निधन से जहां पूरा प्रदेश शोकाकुल है वही, मसूरी में भी उनके निधन का समाचार सुनकर राज्य आंदोलनकारियों, राजनीतिक, सामाजिक संगठनों सहित स्थानीय जनमानस ने अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त कर उनको भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। मालूम हो कि 1991 में भाजपा के टिकट पर पौड़ी लोकसभा सीट से विजय हासिल कर स्वर्गीय खंडूरी तत्कालीन अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में केंद्रीय परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालते हुए उन्होंने स्वर्णिम चतुर्भुज सड़क योजना सहित मंत्रालय की अन्य जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया। वहीं 2007 से 2009 तक व 2011 से 12 तक उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री का पद संभाला व ऐतिहासिक निर्णय लिए। पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी व उनके परिवार का मसूरी से गहरा नाता रहा है। ब्रिटिश काल में जब मसूरी में भारतीय बच्चों के लिए स्कूल नहीं थे तो उनके परिवार के घंनानंद खंडूड़ी ने कई एकड़ जमीन दान दी जिस पर घनानद राजकीय इंटर कालेज खुला था जो आज अटल उत्कृष्ट घनानंद राजकीय इंटर कालेज के नाम से चल रहा है। वहीं उनके परिवार ने लंढौर चौक पर धर्माथ चिकित्सालय व लाइब्रेरी भी खोली थी जो घनानंद के छोटे भाई राधा बल्लभ खंडूड़ी के नाम से जानी गयी। जब भुवन चंद्र खंडूरी मसूरी आये तो नगर पालिका सभागार में उनका सम्मान किया गया जिसमें उनके मसूरी के लिए उनके परिवार द्वारा किए गये समाज सेवा, शिक्षा के क्षेत्र में किए गये कार्याें के बारे में विस्तार से बताया गया था।
