जाम के कारण पर्यटकों व स्थानीय लोगों को उठानी पड़ रही परेशानी
मसूरी। पर्यटन नगरी में अब जाम, आम हो गया, पुलिस प्रशासन व पालिका की व्यवस्था कारगर साबित नहीं हो रही है जिसका खामियाजा आम नागरिकों सहित पर्यटकों को भुगतना पड़ रहा है। जाम लगने का सबसे प्रमुख कारण रोड किनारे खडी स्कूटियां व वाहन होने के साथ ही यातायात प्रबंधन की कमी है।
पहले तो केवल वीक एंड पर जाम लगता था लेकिन अब तो हर दिन हर समय शहर के विभिन्न स्थलों पर लोग जाम से जूझते रहते है। जिसके कारण पर्यटकों सहित स्थानीय नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है, हालात यह है कि पैदल चलने वालों को भी निकलने का स्थान नहीं मिलता व उन्हें भी जाम के साथ रोड पर खडे होने व वाहनों के साथ रेंगने पर मजबूर होना पड़ रहा है। हालांकि जाम मसूरी के हरक्षेत्र में देखा जाता है लेकिन अब शहीद भगत सिंह चौक पर तो हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है जिसका प्रमुख कारण चौराहा होने के साथ इसके आस पास के संपर्क मार्गों पर स्कूटियां को खडी करना है। भगत सिहं चौक से मालरोड को जाने वाला मार्ग हो या तिलक मार्ग, पार्किग जाने वाला मार्ग हो या नगर पालिका जाने वाला मार्ग, लंढौर जाने वाला मार्ग हो या मैसानिक लॉज जाने वाला मार्ग इन सभी स्थानों पर रोड किनारे खडी की जा रही स्कूटियां जाम का मुख्य कारण बनती जा रही है। इसके लिए शहर प्रशासन व पुलिस प्रशासन जिम्मेदार है, आखिर रोड के किनाने स्कूटियों का खड़ा ही नहीं करने देना चाहिए वहीं लंढौर बाजार में भी रोड किनारे स्कूटियों सहित वाहन खडे रहते है, जबकि यह एक मार्गीय यातायात का मार्ग है उसके बाद भी यहां जाम लगना आम बात हो गया है यहीं हाल घंटा घर से सिविल रोड जाने वाला मार्ग है वहां पर भी रोड किनारे स्कूटियां व वाहन खडे रहते है यहीं हाल लाइब्रेरी चौक का है जहां पर दुकानों के सामने चेन लगी होने को बावजूद स्कूटियां खडी रहती है वहीं मोतीलाल नेहरू मार्ग पर भी रोड किनारे स्कूटियां व वाहन खडे रहते हैं। अगर लोग समझदारी से काम लें व ऐसे स्थानों पर अपने वाहन व स्कूटियां खडी न करें जहां जाम की स्थिति होती हो तो जाम से काफी हद तक बचा जा सकता है।
