उत्तराखंड के 44 हजार गैस उपभोक्ताओं को सरेंडर करना होगा एलपीजी सिलेंडर
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देहरादून। पीएनजी धारकों को एलपीजी कनेक्शन को बंद करना होगा और सिलेंडर को सरेंडर करना होगा। भारत सरकार की ओर से जारी इस आदेश के दायरे में उत्तराखंड में मौजूद 44,488 गैस उपभोक्ता भी आएंगे, जिनके पास पीएनजी कनेक्शन मौजूद हैं। खाड़ी देशों में चल रहे तनाव के बीच भारत सरकार ने देश में एलपीजी और पीएनजी कनेक्शन को लेकर नया आदेश जारी किया है। इसके तहत अब उपभोक्ता एक साथ एलपीजी और पीएनजी कनेक्शन नहीं रख सकेंगे।
ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध की वजह से भारत समेत दुनिया के 25 देशों में ईंधन की सप्लाई प्रभावित हुई है। हालांकि, भारत में ईंधन की सीमित सप्लाई हो रही है। बावजूद इसके भारत सरकार ने एहतियातन कदम उठाया है, ताकि, भविष्य में एलपीजी की संकट नहीं रहे। शुरुआती दौर में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक मंत्रालय ने गैस सप्लाई को लेकर गजट नोटिफिकेशन जारी किया था। इसके बाद पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक मंत्रालय ने गजट नोटिफिकेशन में संशोधित कर दिया है। जिसके तहत कोई भी उपभोक्ता एलपीजी (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) और पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन एक साथ नहीं रख सकता है। लिहाजा, जिन उपभोक्ताओं के घर में पाइप्ड नेचुरल गैस यानी डोमेस्टिक पीएनजी कनेक्शन हैं, अब उन्हें एलपीजी सिलेंडर रखने, नया कनेक्शन लेने और सिलेंडर को रिफिल कराने की अनुमति नहीं होगी। इसके लिए पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक मंत्रालय ने गजट नोटिफिकेशन में संशोधित करने के साथ ही तेल कंपनियों को भी आदेश जारी कर दिया है। आदेश में साफ कहा गया है कि ऐसे उपभोक्ताओं को एलपीजी कनेक्शन नहीं देंगे और ना ही वितरक एलपीजी रिफिल करेंगे, जिन लोगों के पास दोनों रूपों में कनेक्शन हैं। इसके साथ ही घरेलू पीएनजी कनेक्शन धारकों से एलपीजी कनेक्शन को तत्काल वापस लेना होगा। भारत सरकार के इस आदेश के दायरे में उत्तराखंड के चार जिलों में मौजूद 44,488 उपभोक्ता आएंगे।
खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, उत्तराखंड में 44,488 डोमेस्टिक पीएनजी धारक हैं। जिसमें से देहरादून जिले में 2,200 डोमेस्टिक पीएनजी धारक, हरिद्वार जिले में 25,600 डोमेस्टिक पीएनजी धारक, उधम सिंह नगर जिले में 16,088 डोमेस्टिक पीएनजी धारक हैं। इसके अलावा नैनीताल जिले में 600 डोमेस्टिक पीएनजी धारक हैं। इन सभी डोमेस्टिक पीएनजी धारकों को अलग-अलग कंपनियों के जरिए गैस उपलब्ध कराया जा रहा है। वर्तमान समय में प्रदेश के चार जिलों के कुछ हिस्सों में पाइपलाइन के जरिए गैस उपलब्ध कराई जा रही है। उत्तराखंडमें 13 जिले हैं। इन सभी जिलों में पाइपलाइन के जरिए गैस उपलब्ध कराए जाने के लिए 5 कंपनियां काम कर रही हैं।
