भाजपा निष्कासितों को चुनाव लड़ाने की कांग्रेसी कोशिश, कमल की हैट्रिक का संकेत

देहरादून। भाजपा ने पार्टी से निकाले लोगों को कांग्रेस द्वारा चुनाव लड़ाने की कोशिश को, 27 में कमल खिलने की हैट्रिक का संकेत बताया है। प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने व्यंग करते हुए कांग्रेस को 4 नेताओं की वो पार्टी बताया, जिसके प्रभारी को देवभूमि आना जरूरी नहीं लगता। मंत्रियों को लेकर आरोपों पर स्पष्ट किया कि पार्टी में जो आया, वो हमारा कार्यकर्ता है। उसे उसकी क्षमता एवं उपयोगिता के अनुसार संगठन और सरकार में भूमिका दी जाती है। वहीं दायित्वधारियों की नई सूची के भी मुख्यमंत्री के आने बाद शीघ्र जारी करने की बात कही।
पार्टी मुख्यालय में मीडिया के सवालों के जवाब में स्पष्ट किया कि जो भी लोग आज कांग्रेस में शामिल हुए हैं उनको तो बहुत पहले ही पार्टी से निकल गया है इसलिए वह भाजपा के चेहरे हो ही नहीं सकते । भाजपा के अंदर अनुशासन के दायरे में रहना होता है और जो उस अनुशासन के दायरे को तोड़ता है उसे कठोरता के साथ ना चाहते हुए भी पार्टी से बाहर किया जाता है। अब जो बाहर निकाल दिया गया, वह कहीं और शिफ्ट हो जाता है तो इसमें हमें क्या फर्क पड़ेगा। हां इतना अवश्य है कि कांग्रेस इस बात पर विचार करना चाहिए था कि उन्हें भाजपा से क्यों निकाला गया है। वहीं तंज कसा कि हो सकता है जो हमे कमी या गलती लगी, वो कांग्रेस की कार्य संस्कृति में अच्छी हो।
उन्होंने कांग्रेस को आईना दिखाया कि उनके पास तो चुनाव लड़ने के लिए कैंडिडेट तक नहीं हैं वो हमारे निकाले लोगों को चुनाव में आगे बढ़ाना चाहती है। क्योंकि कल तक कांग्रेस कहती थी कि भाजपा के पास लोग नहीं है वह हमारी पार्टी से नेताओं को ले जा रही है। अब स्वयं कांग्रेस हमारे निकाले हुए लोगों को अपनी पार्टी में शामिल कर चुनाव में उतरना चाहती है। जो 2027 के चुनावों में भाजपा की दो तिहाई सीट पर जीत और लगातार तीसरी बार सरकार बनाने का स्पष्ट संकेत है।
उन्होंने मंत्रिमंडल में अंदरूनी बाहरी के सभी चर्चाओं पर विराम लगाते स्पष्ट किया कि हमारी पार्टी के अंदर जो व्यक्ति आ जाता है वह हमारा कार्यकर्ता है। हम उसे बाद में किसी भी दूसरे दल से नहीं जानते पहचानते हैं, हमारा उत्तरदायित्व वैचारिक रूप से उसे स्थापित करना होता है। हम सभी योग्य व्यक्तियों को अपने दल में शामिल करते हैं और उसकी क्षमता एवं उपयोगिता उचित स्थान देते हैं। संगठन में दायित्व भी देते हैं और जरूरत लगे तो सरकार में मंत्री या अन्य भूमिका भी देते हैं।
वहीं उन्होंने सरकार में दायित्वधारियों की नई सूची को लेकर भी स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री धामी की व्यवस्तता है, कल वर्चुअल बैठक के बाद मुख्यमंत्री की प्रधानमंत्री से मुलाकात हुई है, जहां उन्होंने पीएम को उत्तराखंड आने का निमंत्रण भी दिया है। आज कुछ नई महत्वपूर्ण बैठकें भी दिल्ली में उनकी हैं, उसके बाद जैसे ही वे आयेंगे शीघ्र सूची जारी कर दी जाएगी।
इसी तरह दिल्ली में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की बड़ी बैठक को लेकर पूछे सवाल पर उन्होंने तंज कसा कि कौन से वरिष्ठ नेता हैं, चार लोगों की पार्टी है कांग्रेस? अब वो देहरादून बैठे या दिल्ली, कोई फर्क नहीं पड़ता है, क्योंकि भाजपा के नेता कार्यकर्ता 24 घंटे सातों दिन जमीन पर कार्य करते हैं। उनकी प्रभारी को तो देवभूमि आना भी जरूरी नहीं लगता, वो दिल्ली में ही देहरादून की बैठकें करवा लेती हैं।
Copyright, Mussoorie Times©2023, Design & Develop by Manish Naithani 9084358715. All rights reserved. | Newsphere by AF themes.