निर्वाचन आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ कांग्रेस का हल्ला बोल
देहरादून। कांग्रेस के नेताओं ने सोमवार 28 सितंबर को निर्वाचन आयोग को भंग किए जाने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार समेत दोनों चुनाव आयुक्तों को पद से हटाए जाने की मांग को लेकर जमकर प्रदर्शन किया। इस मौके पर उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय देहरादून से पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकार की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकालने का प्रयास किया, लेकिन जैसे ही पार्टी प्रदेश मुख्यालय के बाहर कांग्रेसजन प्रतीकात्मक शव यात्रा निकालने लगे, तभी मुख्यालय के बाहर मौजूद भारी पुलिस बल ने कांग्रेस नेताओं को रोक लिया।
इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर धक्का मुक्की हुई। इस दौरान सड़क पर काफी देर तक हंगामा होता रहा। उसके बाद कांग्रेसी पैदल मार्च निकालते हुए घंटाघर पहुंचे और वहीं पर मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।
इस दौरान कुछ नेताओं ने चकराता रोड पर धरना भी दिया, जिसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट घंटाघर पहुंचे। वहीं पर कांग्रेसियों ने अपनी मांगों को लेकर राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि हाल ही के दिनों में निर्वाचन आयोग से जुड़े कई मामले सामने आए हैं। विशेष रूप से एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के दौरान मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दलों और आम मतदाताओं के बीच चिंता उत्पन्न हो गई है।
उन्होंने आरोप लगाए की कथित वोटों की हेराफेरी से आज जनता आक्रोशित है। चुनाव आयोग ने प्रेस नोट तो जारी कर दिया, लेकिन प्रेस कांफ्रेंस करके, जिसका खुलासा हुआ उसका एक बार भी खंडन नहीं किया। यह कहीं न कहीं चुनाव आयोग की स्वीकारोक्ति है। कांग्रेस ने एसाईआर में गड़बड़ी किए जाने का भी आरोप लगाते हुए भारत निर्वाचन आयोग को भंग किए जाने, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार समेत तीनों चुनाव आयुक्तों को पद से हटाए जाने और उनके द्वारा पूर्व में किए गए फैसलों को निरस्त किए जाने की मांग की है।
हल्द्वानी में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल हुए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंका। कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल उठाए। उनका कहना है कि चुनाव आयोग देश में चुनाव प्रक्रिया का संचालन करने वाली स्वायत्त संवैधानिक संस्था है और लोकतांत्रिक व्यवस्था में उसकी निष्पक्षता बेहद महत्वपूर्ण है। चुनाव आयोग स्वयं भी अपने आधिकारिक विवरण में उसे चुनावों के संचालन के लिए स्वायत्त संवैधानिक प्राधिकरण बताता है।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि मौजूदा परिस्थितियों में चुनाव आयोग के कामकाज में केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय के प्रभाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता, मतदाता सूची और चुनाव आयोग से जुड़े अन्य मुद्दों पर सरकार और आयोग से जवाबदेही तय करने की मांग की। कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर जनता का भरोसा कायम रहना जरूरी है। विपक्ष की ओर से लगातार चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं और इन सवालों का जवाब दिया जाना चाहिए।
