गढ़वाल सभा भवन व धर्मशाला के लिए चयनित जीएमवीएन की भूमि सभा को हस्तांतरित करने की मांग
मसूरी। गढ़वाल सभा मसूरी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र देकर गढवाल सभा मसूरी के भवन और धर्मशाला निर्माण हेतु गढ़वाल मंडल विकास निगम की चयनित भूमि को गढ़वाल सभा को हस्तातंरण करने और उत्तराखंड के शहीदों के सम्मान में गढ़वाल सभा भवन एवं धर्मशाला निर्माण में अपना योगदान देने की मांग की।
गढवाल सभा मसूरी के अध्यक्ष भगवान सिंह धनाई एवं महासचिव गणेश प्रसाद कोठारी ने मुख्यमंत्री को पुनः निवेदन पत्र दिया है जिसमें कहा गया है कि गढवाल सभा मसूरी द्वारा मसूरी में उत्तराखंड के शहीदों की स्मृति में निर्माणाधीन गढवाल सभा भवन एवं धर्मशाला के लिए आपके द्वारा डेढ करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गयी थी। उक्त भवन के निर्माण कार्य के बीच ही गढवाल सभा को कानूनी रूप से स्वीकृति दी गयी भूमि पर निर्माणाधीन भवन स्थल के निकट देहरादून मसूरी रोपवे के प्रस्तावित टर्मिनल हेतु मसूरी नगर पालिका परिषद ने किताबघर शिफन कोर्ट की भूमि के साथ इस भवन एवं भूमि को भी पर्यटन विेभाग को हस्तातंरित कर दिया गया था। गढवाल सभा ने शहीदों की स्मृति में बनाये जा रहे निर्माणाधीन भावन और भूमि को सरकार ने दूसरे व्यावसायिक प्रयोजनों हेतु किसी अन्य संस्था को हस्तांतरित किया जाना गढवाली समाज के लिए बेहद गंभीर चिंता का विषय था, जबकि सामाजिक सदस्यों, विधायक व मंत्री गणेश जोशी ने विधायक निधि से आंवटित राशि एवं नगर पालिका परिषद मसूरी के सहयोग से बनाये जा रहे इस भवन के निर्माण पर उस समय तक लगभग पांच करोड खर्च भी किए जा चुके थे, इस पूरे प्रकरण को आपके संज्ञान में बार बार लाने के बाद स्व. हरवंश कपूर मेमोरियल सामुदायिक केंद्र छावनी परिषद गढी कैंट देहरादून के लोकार्पण के अवसर पर मसूरी विधायक व मंत्री गणेश जोशी के विशेष अनुरोध पर आपने घोषणा की थी कि इसी प्रकार का सामुदायिक भवन गढवाल सभा मसूरी के लिए भी बनाया जायेगा। जिसका निर्माण एमडीडीए द्वारा किया जायेगा। इसी क्रम में सचिव पर्यटन के आदेश के फल स्वरूप पर्यटन विभाग, नगर पालिका परिषद मसूरी, गढवाल मंडल विकास निगम और गढवाल सभा के प्रतिनिधियों के द्वारा संयुक्त रूप से कैंपटी टैक्सी स्टैण्ड के निकट गढवाल मंडल विकास निगम की खाली पड़ी भूमि का निरीक्षण किए जाने के बाद भूमि को गढवाल सभा भवन निर्माण के लिए आवंटित किए जाने हेतु अपनी सैद्धांतिक सहमति की रिपोर्ट शासन को भेज दी गयी थी, जो कि प्राप्त जानकारी के अनुसार काफी समय से वित्त विभाग के पासं लंबित होने के कारण अभी तक इसमें कोई अंतिम निर्णय नहीं हो पाया है। जिसके कारण गढवाल सभा सदस्यों ने समय समय पर सभा के प्रतिनिधियों के खिलाफ आक्रोश भी व्यक्त किया जा रहा है। परंतु आपकी घोषणा के प्रति अटूट विश्वास होने के कारण सभा ने कोई बड़ा कदम नहीं उठाया गया। मुख्यमंत्रमी से मांग की गयी कि गढवाल सभा मसूरी गढवाल सभा भवन और धर्मशाला निर्माण हेतु गढवाल मंडल विकास निगम की चयनित भूमि को गढवाल सभा को हस्तांतरित करने और उत्तराखंड के शहीदों के सम्मान में गढवाल सभा भवन एवं धर्मशाला निर्माण में योगदान देने की कृपा करें। जिस पर मुख्य मंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिव पर्यटन व प्रमुख सचिव वित्त को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए है।
