पूर्वी डीआरसी में बेहतरीन सेवा के लिए भारतीय सेना के शांति सैनिकों को संयुक्त राष्ट्र पदकों से सम्मानित किया गया

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देहरादून। दुनिया भर में शांति बनाए रखने के लिए भारत की अटूट प्रतिबद्धता को सम्मान देते हुए, 3 जुलाई को डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो के परमानेंट ऑपरेटिंग बेस साके में एक खास मेडल परेड के दौरान भारतीय सेना के 651 शांति सैनिकों को संयुक्त राष्ट्र पदक से सम्मानित किया गया। इस समारोह में मोनुस्को के वरिष्ठ अधिकारी, फोर्स हेडक्वार्टर के प्रतिनिधि, सैन्य नेतृत्व और खास मेहमान शामिल हुए। इसमें डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में संयुक्त राष्ट्र संगठन स्थिरीकरण मिशन के तहत काम करते हुए बटालियन की बेहतरीन पेशेवर क्षमता, ऑपरेशन में शानदार प्रदर्शन और अटूट समर्पण को सम्मानित किया गया।
संयुक्त राष्ट्र के सबसे मुश्किल और अस्थिर शांति-स्थापना माहौल में काम करते हुए, भारतीय टुकड़ी ने लगातार साहस, मजबूती और अटूट प्रतिबद्धता दिखाई है। उन्होंने नागरिकों की सुरक्षा, सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने, मानवीय सहायता पहुँचाने और लगातार जारी सशस्त्र हिंसा व जटिल मानवीय चुनौतियों के बीच संयुक्त राष्ट्र के आदेश को लागू करने में मदद की है। संयुक्त राष्ट्र पदक का मिलना इस बात का सबूत है कि भारतीय सेना संयुक्त राष्ट्र शांति-स्थापना अभियानों में दुनिया के सबसे भरोसेमंद और विश्वसनीय योगदानकर्ताओं में से एक रही है। यह अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के प्रति भारत की अटूट प्रतिबद्धता और संघर्ष वाले इलाकों में कमजोर समुदायों की सुरक्षा के उसके संकल्प को दिखाता है। समारोह का समापन शांति सैनिकों द्वारा पेशेवर क्षमता, ईमानदारी और निस्वार्थ सेवा के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के संकल्प के साथ हुआ। वे सम्मान, साहस और विशिष्टता के साथ ब्लू फ्लैग (संयुक्त राष्ट्र के झंडे) के तहत सेवा जारी रखेंगे, जिससे देश का मान बढ़ेगा और दुनिया भर में शांति के लिए एक ताकत के तौर पर भारत की विरासत और मजबूत होगी।

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