नये सहकारी बैंक खोलने को आरबीआई को भेजे प्रस्तावः डॉ रावत

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देहरादून। सूबे में सहकारिता क्षेत्र में बड़े सुधारों के लिये खाका तैयार किया जाएगा। जिसके तहत तीन जनपदों में सहकारी बैंक खोलने के साथ ही 50 अन्य शाखाएं खोलना भी शामिल है। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को बैंक की स्थापना को भारतीय रिजर्व बैंक को शीघ्र प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिये हैं। इसके अलावा कार्मिकों के वार्षिक स्थानांतरण एवं पदोन्नति प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश भी अधिकारियों को दे दिये हैं। सूबे के सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अपने शासकीय आवास पर सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें सहकारिता क्षेत्र के व्यापक विस्तार और संरचनात्मक सुधारों को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में डॉ रावत ने बागेश्वर, चंपावत और रुद्रप्रयाग में तीन नए जिला सहकारी बैंकों की स्थापना के निर्देश अधिकारियों को दिये साथ उन्होंने इस सम्बंध में भारतीय रिजर्व बैंक को प्रस्ताव भेजने को कहा। उन्होंने प्रदेश के दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने को राज्यभर में 50 नई सहकारी बैंक शाखाएं खोलने के साथ ही मौजूदा शाखाओं के विस्तार और सेवा गुणवत्ता में सुधार पर विशेष जोर दिया। बैठक में जिला सहकारी बैंकों के पिछले दो वर्षों के प्रदर्शन की समीक्षा करते हुए डॉ. रावत ने अपेक्षित व्यवसायिक लक्ष्यों को प्राप्त न कर पाने पर नाराजगी भी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बैंकिंग कार्यप्रणाली को अधिक परिणामोन्मुखी बनाते हुए तय लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित की जाए। एक महत्वपूर्ण निर्णय के तहत यह भी तय किया गया कि सहकारी समिति इफको टोकियो के द्वारा जिला/राज्य सहकारी बैंकों के माध्यम से कर्मचारियों का बीमा कराया जाएगा, जिससे सहकारिता क्षेत्र के कर्मियों को सामाजिक सुरक्षा का सुदृढ़ कवच मिल सके। बैठक में प्राथमिक कृषि ऋण समितियों के कंप्यूटरीकरण की प्रगति की समीक्षा करते हुए इसे शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए, ताकि पारदर्शिता और कार्यकुशलता को बढ़ावा मिल सके। साथ ही केंद्र सरकार की सहकारिता  योजनाओं को प्रदेश में लागू करने पर भी विस्तृत चर्चा की गई। विभागीय कार्यप्रणाली को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए उन्होंने कर्मिकों की समय पदोन्नति एवं  वार्षिक स्थानांतरण प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश अधिकारियों ज्ञओ दिये। डॉ रावत ने कहा कि सहकारिता क्षेत्र राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और सरकार इसे सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और सहकारिता आंदोलन को जन-जन तक विस्तार दिया जाए। बैठक में अपर निबंधक ईरा उप्रेती, आनंद शुक्ल, संयुक्त निबंधक नीरज बेलवाल, एम पी त्रिपाठी, रमेंद्री मंद्रवाल, उप निबंधक गढ़वाल सुरेंद्र पाल, उप निबंधक कुमाऊं हरीश खंडूड़ी, जिला सहायक निबंधक देहरादून बी एस मनराल, सचिव महाप्रबंधक देहरादून सी.के. कमल, जिला सहायक निबंधक नैनीताल दान सिंह नपच्याल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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