रसोई गैस किल्लतः गैस सिलेंडर के लिए दर-दर भटक रहे लोग
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देहरादून। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अब इसका असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर भी दिखाई देने लगा है। उत्तराखंड में इन दिनों एलपीजी सिलेंडर को लेकर लोगों में अफरा-तफरी का माहौल देखा जा रहा है। लोगों को गैस सिलेंडर के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। कई जगहों पर गैस सिलेंडर समय पर नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। शहर में काम करने वाले कई लोग गैस सिलेंडर के लिए एजेंसियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन सर्वर डाउन होने या स्टॉक खत्म होने की बात कहकर उन्हें वापस भेज दिया जा रहा है। रसोई गैस के व्यावसायिक सिलिंडर तो बिल्कुल भी नहीं मिल पा रहे हैं, जिस कारण होटल और रेस्टोरेंट व्यवसायी खासा परेशान हैं।
ईरान-अमेरिका और इजराइल के बीच चल रहे तनाव के बीच गैस सिलेंडर को लेकर लोगों में अचानक घबराहट का माहौल बन गया है। अफवाहों और आशंकाओं के चलते लोगों ने बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर की बुकिंग करनी शुरू कर दी, जिस वजह से राज्य में ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम पर इतना दबाव पड़ा कि व्यवस्था ही ठप हो गई है। उपभोक्ता परेशान हैं, गैस एजेंसी संचालक कभी सर्वर डाउन होने की बात कह रहे हैं तो कभी स्टॉक खत्म होने की बात कह रहे हैं। इस मुश्किल समय में कोई किसी को अपना गैस सिलेंडर देने को भी तैयार नहीं है। अब लोगों को राहत देने के लिए मैन्युअल यानी ऑफलाइन बुकिंग का रास्ता खोला गया है। गैस किल्लत के चलते उपभोक्ता खासा चिंतित दिखाई दे रहे हैं।
उत्तराखंड में एलपीजी के करीब 60 लाख उपभोक्ता हैं, इनमें से सबसे ज्यादा यानी लगभग 42 लाख उपभोक्ता इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन से जुड़े हुए हैं। यानी राज्य में एलपीजी वितरण का करीब 70 प्रतिशत हिस्सा इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के पास है, जबकि बाकी लगभग 30 प्रतिशत उपभोक्ता भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम से जुड़े हुए हैं।
राज्य में व्यावसायिक सिलिंडर की किल्लत से शादियों पर संकट गहरा सकता है। अप्रैल में 15, 20, 21, 25 से 29 तारीख और मई में 1, 3, 5, 6, 7, 8, 13 और 14 तारीख को विवाह के मुहूर्त हैं। इस बार विवाह के मुहूर्त कम होने से शादियां अधिक होंगी। व्यावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति ठप होने का सर्वाधिक असर देखने को मिल रहा है। रसोई गैस किल्लत के चलते इंडक्शन चूल्हों की मांग बढ़ गई है। जिस कारण कई जगहों पर इंडक्शन का स्टाक खत्म हो गया है।
वहीं, एलपीजी एवं ईंधन की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए राज्य खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की ओर से अभियान शुरू कर दिया गया है। गैस सिलेंडर का भंडारण या उसकी ब्लैक मार्केटिंग की शिकायत पर निरीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान राज्य में कई स्थानों पर छापेमारी की कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान अवैध भंडारण और दुरुपयोग के मामलों में 74 गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं। साथ ही 4 लोगों पर एफआईआर दर्ज कराई गई हैं।
