उत्तराखण्ड में बर्फबारी के बाद 66 सड़कें बंद, पर्यटक फंसे

1 min read

देहरादून। उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाको में जमकर हुई बर्फबारी के बाद आपदा प्रबंधन भी अलर्ट पर है। सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से उत्तराखंड में वर्षा, बर्फबारी और कोहरे के दृष्टिगत विभिन्न जनपदों में उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने जन सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द व्यवस्थाओं को सुचारू बनाने व अधिकारियों को 24गुणा7 अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए। राज्य में फिलहाल 66 सड़कें बर्फबारी के कारण बंद हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और नियमित तौर पर अपडेट ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने जन सुविधाओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता पर रखते हुए कार्य करने के निर्देश दिए हैं। सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने बंद मार्गों, बिजली व पेयजल आपूर्ति की स्थिति, विभिन्न स्थानों पर वाहनों व व्यक्तियों के फंसे होने की घटनाओं की विस्तार से समीक्षा की।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश भर में 66 सड़कें बाधित रहीं। जिसमें 6 नेशनल हाईवे, 6 स्टेट हाईवे, 3 एमडीआर, 1 बीडीआर, 24 पीडब्ल्यूडी और 26 ग्रामीण सड़कें शामिल हैं। सचिव आपदा प्रबंधन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बर्फबारी से प्रभावित मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर सुचारु किया जाए। सड़क खोलने की मशीनरी व संसाधनों को पूरी तरह सक्रिय रखा जाए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि विद्युत एवं पेयजल आपूर्ति बहाल करने के लिए विभागीय टीमें लगातार फील्ड में तैनात रहें, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उन्होंने कहा कि यदि किसी भी क्षेत्र में वाहन या व्यक्ति फंसे होने की सूचना प्राप्त होती है, तो जिला प्रशासन तत्काल राहत व बचाव कार्य सुनिश्चित करे। दूरस्थ व संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
सचिव ने शीतलहर व बर्फबारी को देखते हुए बुजुर्गों, बच्चों व अन्य संवेदनशील वर्गों की सुरक्षा और आवश्यक देखभाल सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। सचिव विनोद कुमार सुमन ने यह भी निर्देश दिए कि सभी जनपद आपातकालीन संसाधनों, मानव बल एवं उपकरणों को पूर्ण रूप से तैयार अवस्था में रखें तथा राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र को स्थिति से निरंतर अवगत कराते रहें।

जनता से आपदा प्रबंधन विभाग की अपील, प्रशासन के निर्देशों का करें पालन
आपदा सचिव ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और किसी भी आपात परिस्थिति से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन तंत्र पूरी तरह सक्रिय है। सचिव सुमन ने आम नागरिकों से अपील की कि वे मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचें, प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें किसी भी आपात स्थिति में जिला प्रशासन या संबंधित आपातकालीन सेवाओं से संपर्क करें। जिला प्रशासन को निर्देशित किया गया है कि वे ऊंचाई वाले संवेदनशील क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही पर नियंत्रण रखें। पर्यटकों एवं स्थानीय नागरिकों को सावधानी बरतने के लिए जागरूक करें। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधनों व राहत-बचाव दलों को तैयार अवस्था में रखें।

रक्षा भू-सूचना विज्ञान अनुसंधान प्रतिष्ठान ने जारी की एवलांच की चेतावनी
देहरादून। रक्षा भू-सूचना विज्ञान अनुसंधान प्रतिष्ठान (डीजीआरइ) चंडीगढ़ की तरफ से भी एवलांच की चेतावनी जारी की गई है। यह चेतावनी 24 जनवरी सायं 5ः00 बजे से 25 जनवरी सायं 5ः00 बजे तक प्रभावी रहेगी।
डीजीआरई के जारी बुलेटिन के अनुसार जनपद उत्तरकाशी में 2800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमस्खलन का खतरा स्तर-2 (येलो) दर्शाया गया है।
वहीं जनपद चमोली में 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में खतरा स्तर-3 (ऑरेंज) अंकित किया गया है। इसके अतिरिक्त रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जनपदों में 2800 मीटर से अधिक ऊंचाई पर हिमस्खलन खतरा स्तर-2 (येलो) बताया गया है। डीजीआरइ के अनुसार इन क्षेत्रों में बर्फ की स्थिति आंशिक रूप से अस्थिर है और कुछ स्थानों पर प्राकृतिक हिमस्खलन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। विशेष रूप से चमोली जनपद के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मध्यम आकार के हिमस्खलन आशंकित हैं। इस चेतावनी के दृष्टिगत राज्य आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा संबंधित जनपदों को अलर्ट पर रखा गया है।

Copyright, Mussoorie Times©2023, Design & Develop by Manish Naithani 9084358715. All rights reserved. | Newsphere by AF themes.