किसान आत्महत्या केस में थानाध्यक्ष व उपनिरीक्षक सस्पेंड
उधमसिंहनगर। बीते रोज किसान की गयी आत्महत्या प्रकरण को राज्य सरकार व पुलिस प्रशासन ने गम्भीरता से लिया है। राज्य सरकार ने जहंा इस पूरे मामले की कुमांऊ आयुक्त से मजिस्टेªट जांच करायी जा रही है। जिले के एसएसपी ने भी मामले में लापरवाही बरतने पर थानाध्यक्ष व उपनिरीक्षक को जहंा सस्पेंड कर दिया है वही सम्बन्धित संपूर्ण चौकी को भी लाइन हाजिर कर दिया गया है।
विदित हो कि शनिवार रात काशीपुर निवासी किसान खुशंवत सिंह अपनी पत्नी व बच्चे सहित नैनीताल के गौलापार स्थित एक होटल में ठहरा था। जहंकिसान आत्महत्या केस में थानाध्यक्ष व उपनिरीक्षक सस्पेंड
चौकी प्रभारी सहित संपूर्ण चौकी लाइन हाजिर
उधमसिंहनगर। बीते रोज किसान की गयी आत्महत्या प्रकरण को राज्य सरकार व पुलिस प्रशासन ने गम्भीरता से लिया है। राज्य सरकार ने जहंा इस पूरे मामले की कुमांऊ आयुक्त से मजिस्टेªट जांच करायी जा रही है। जिले के एसएसपी ने भी मामले में लापरवाही बरतने पर थानाध्यक्ष व उपनिरीक्षक को जहंा सस्पेंड कर दिया है वही सम्बन्धित संपूर्ण चौकी को भी लाइन हाजिर कर दिया गया है।
विदित हो कि शनिवार रात काशीपुर निवासी किसान खुशंवत सिंह अपनी पत्नी व बच्चे सहित नैनीताल के गौलापार स्थित एक होटल में ठहरा था। जहंा उसने देर रात खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से पहले किसान खुशवंत सिंह सोशल मीडिया पर अपना वीडियो जारी कर कुछ प्रापर्टी डीलरों पर अपने साथ की गयी चार करोड़ की धोखाधड़ी के आरोप लगाये गये थे। साथ ही उनका कहना था कि जब इस मामले की शिकायत जब उन्होने आईटीआई थाना पुलिस से की तो उन्हे पुलिस की प्रताड़ना का शिकार होना पड़ा था। उन्होेने थानाध्यक्ष आईटीआई कुंदन रौतेला, उपनिरीक्षक प्रकाश बिष्ट सहित सम्बन्धित चौकी पैगा के पुलिस कर्मियो पर आरोपियों से मिलीभगत के आरोप लगाये गये थे।
जनपद उधमसिंहनगर में मृतक सुखवन्त सिंह पुत्र तेजा सिंह, निवासी ग्राम पैगा, कोतवाली आईटीआई से जुड़े प्रकरण में घोर लापरवाही और उदासीनता सामने आने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधमसिंहनगर मणिकांत मिश्रा ने कड़ा कदम उठाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने दो उपनिरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, जबकि चौकी पैगा पर तैनात 10 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है। थानाध्यक्ष आईटीआई उपनिरीक्षक कुन्दन सिंह रौतेला एवं उपनिरीक्षक प्रकाश बिष्ट (कोतवाली आईटीआई) के खिलाफ प्रकरण में बरती गई लापरवाही के संबंध में अनुशासनिक कार्रवाई प्रस्तावित व प्रचलित है। इसी के तहत दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही चौकी पैगा, कोतवाली आईटीआई पर नियुक्त चौकी प्रभारी जितेन्द्र कुमार, अपर उपनिरीक्षक सोमवीर सिंह, कास्टेबल भूपेन्द्र सिंह, दिनेश तिवारी, मुख्य आरक्षी शेखर बनकोटी, आरक्षी सुरेश चन्द्र, आरक्षी योगेश चौधरी, आरक्षी राजेन्द्र गिरी,आरक्षी दीपक प्रसाद व आरक्षी संजय कुमार को लाइन हाजिर कर दिया गया है। वहीं मामले की गम्भीरता को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा भी इस प्रकरण की जांच कुंमायू आयुक्त रावत को मजिस्टेªट जांच के आदेश दिये गये है।उसने देर रात खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से पहले किसान खुशवंत सिंह सोशल मीडिया पर अपना वीडियो जारी कर कुछ प्रापर्टी डीलरों पर अपने साथ की गयी चार करोड़ की धोखाधड़ी के आरोप लगाये गये थे। साथ ही उनका कहना था कि जब इस मामले की शिकायत जब उन्होने आईटीआई थाना पुलिस से की तो उन्हे पुलिस की प्रताड़ना का शिकार होना पड़ा था। उन्होेने थानाध्यक्ष आईटीआई कुंदन रौतेला, उपनिरीक्षक प्रकाश बिष्ट सहित सम्बन्धित चौकी पैगा के पुलिस कर्मियो पर आरोपियों से मिलीभगत के आरोप लगाये गये थे।
जनपद उधमसिंहनगर में मृतक सुखवन्त सिंह पुत्र तेजा सिंह, निवासी ग्राम पैगा, कोतवाली आईटीआई से जुड़े प्रकरण में घोर लापरवाही और उदासीनता सामने आने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधमसिंहनगर मणिकांत मिश्रा ने कड़ा कदम उठाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने दो उपनिरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, जबकि चौकी पैगा पर तैनात 10 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है। थानाध्यक्ष आईटीआई उपनिरीक्षक कुन्दन सिंह रौतेला एवं उपनिरीक्षक प्रकाश बिष्ट (कोतवाली आईटीआई) के खिलाफ प्रकरण में बरती गई लापरवाही के संबंध में अनुशासनिक कार्रवाई प्रस्तावित व प्रचलित है। इसी के तहत दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही चौकी पैगा, कोतवाली आईटीआई पर नियुक्त चौकी प्रभारी जितेन्द्र कुमार, अपर उपनिरीक्षक सोमवीर सिंह, कास्टेबल भूपेन्द्र सिंह, दिनेश तिवारी, मुख्य आरक्षी शेखर बनकोटी, आरक्षी सुरेश चन्द्र, आरक्षी योगेश चौधरी, आरक्षी राजेन्द्र गिरी,आरक्षी दीपक प्रसाद व आरक्षी संजय कुमार को लाइन हाजिर कर दिया गया है। वहीं मामले की गम्भीरता को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा भी इस प्रकरण की जांच कुंमायू आयुक्त रावत को मजिस्टेªट जांच के आदेश दिये गये है।
